मंगलवार सुबह आठ बजे झोपड़ी से करीब सात सौ मीटर दूर नारायण के खेत में पप्पू का शव पड़ा मिला। उनका पूरा शरीर मिट्टी से सना था। उनके गले में अंगोछा कसा था। पास में ही चप्पलें और एक मोटी लकड़ी का टुकड़ा पड़ा था। सिर व आंख के पास चोट के निशान थे। शव अकड़ चुका था। छानबीन के दौरान उनकी झाेपड़ी से कुछ दूर तक शव घसीटे जाने के निशान मिले। उनकी डायरी व पेन भी आसपास मिला। शव के पास ही कीचड़ में उनका मोबाइल भी पड़ा था, उसमें अंतिम कॉल शाम चार बजे की ही थी। वह फ्लाइट मोड पर लगा था।
पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। साथ ही परिजन से जानकारी की। पुलिस ने शक के आधार पर गांव के ही चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पप्पू के पुत्र अनिरुद्ध उर्फ निर्दोष, अर्पित, विवाहित पुत्री संजू व सरिता हैं। वह चार भाई अनूप, हरगोविंद व शिवस्वरूप में सबसे बड़े थे। थाने पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह ने घटना के संबंध में जानकारी ली। हिरासत में लिए गए लोगों से भी उन्होंने पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाए जाने से मौत होने की पुष्टि की गई है। साथ ही सिर व आंख पर चोट लगने का उल्लेख किया गया है। एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि पप्पू को शाम को कैलाश के घर के सामने झोपड़ी में बैठा देखा गया था। इसके बाद वह नजर नहीं आया। कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।