फर्रुखाबाद में बहादुर अंजली के साहस को सलाम कर आईजी जोन मोहित अग्रवाल उसे सम्मानित करने सोमवार को उसके गांव करथिया पहुंचे। आईजी ने माना कि अगर बालिका ने सूझबूझ का परिचय देकर कुंडी अंदर से बंद कर 15 किलो बारूद से भरे सिलिंडर बम के तार को न काटा होता तो अपराधी सुभाष विस्फोट कर देता।
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फर्रुखाबाद अपहरण मामला
- फोटो : अमर उजाला
इससे सुभाष के घर के अलावा आसपास के मकान भी उड़ जाते और बच्चों को भी नुकसान होता। अंजली को फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन में स्वतंत्रता दिवस की परेड में भी सम्मानित किया जाएगा। आईजी ने अन्य बच्चों से भी घटना के दिन तहखाने में गुजारे समय के बारे में उनसे जानकारी ली।
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छुड़ाए गए बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को आईजी जोन व एसपी डॉ. अनिल मिश्रा पुलिस के अन्य अधिकारियों के साथ दोपहर में गांव करथिया में पहुंचे। आईजी ने बताया की पूरे घटनाक्रम में पुलिस के अलावा सबसे अहम भूमिका बंधक रही अंजली (14) ने निभाई।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उसने सूझबूझ व साहस का परिचय देते हुए तहखाने की कुंडी अंदर से बंद करके 15 किलो विस्फोटक से भरे सिलिंडर बम में लगे तार को दांतों से काट कर सभी बच्चों की जान बचाई। आईजी ने अंजली को बुलाकर उसे उपहार दिए।
आईजी ने अंजली से कहा कि उसके साहस से गांव में बड़ा हादसा होने से बच गया। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद की बम निरोधक टीम के प्रभारी अरुण ने जानकारी दी है कि सिलिंडर बम से अगर विस्फोट हो जाता तो आसपास कुछ भी नहीं बचता।
एसपी ने बालिका को पुलिस विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अन्य बंधक बच्चों को भी मंच पर बुलाकर उनको भी उपहार दिए गए। इस दौरान एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ राजवीर सिंह, कोतवाल मोहम्मदाबाद राकेश कुमार, स्वाट टीम प्रभारी दिनेश गौतम आदि लोग मौजूद रहे।