34 में से 13 मकान पूरी तरह कटान के मुहाने पर
बाढ़ की आशंका को देखते हुए इस साल की शुरुआत में राजस्व विभाग ने गांव के 34 संवेदनशील मकानों की सूची तैयार की थी। शुक्रवार को गांव पहुंचे क्षेत्र के लेखपाल ने कटान का जायजा लिया। नई रिपोर्ट के मुताबिक, गांव के 13 ग्रामीणों के मकान अब पूरी तरह से कटान के मुहाने पर आ चुके हैं, जिनमें से कई मकानों का आधा हिस्सा कटकर नदी में गिर भी चुका है।
खुद अपने हाथों से आशियाना तोड़ने को मजबूर ग्रामीण
गंगा की कटान का खौफ इस कदर है कि ग्रामीण एक-दूसरे की मदद करके खुद अपने मकानों को तोड़ने में लगे हैं। लोग मकानों की ईंटों को निकालकर गांव के दक्षिण दिशा में इकट्ठा कर रहे हैं ताकि कुछ निर्माण सामग्री बचाई जा सके। हालांकि, ग्रामीणों को डर सता रहा है कि यदि गंगा का कटान इसी गति से जारी रहा तो बचाकर रखी गई ईंटों को भी नदी अपने आगोश में ले लेगी।