झोपडी में लगी आग से राख हुई गृहस्थी
- फोटो : amar ujala
थाना पुलिस सुबह करीब 8 बजे पहुंची, जबकि दमकल टीम करीब 9 बजे मौके पर पहुंची। तब तक ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत कर आग पर काफी हद तक काबू पा चुके थे। हालांकि राजस्व और पशुपालन विभाग की टीम के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। लेखपाल पंकज सिंह करीब 11 बजे मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया, जबकि पशुपालन विभाग की टीम 10:45 बजे पहुंचकर झुलसे जानवरों का उपचार किया। आग बुझाने में ग्राम प्रधान ताराबानो के पुत्र शिजवान ने गंगा नदी में पंप सेट लगाकर अहम भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कई परिवारों का सब कुछ जल गया।
गृहस्थी जलने के बाद बेघर हुए लोग
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पीड़ितों में अकीशन बेगम की झोपड़ी और घरेलू सामान के साथ करीब 81 हजार रुपये की नकदी जल गई, साथ ही दो जानवर झुलस गए। ईदुल की झोपड़ी के साथ 31 हजार रुपये की नकदी भी जल गई। इसके अलावा सुहेल, नौशाद, शमशाद, मयशाद, हासमा बेगम, शाहरुख, हुस्नमोहम्मद, नजरुल और खान मोहम्मद समेत कई लोगों की झोपड़ियां और गृहस्थी नष्ट हो गई। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है। फिलहाल ये 11 परिवार दूसरों की झोपड़ियों या पेड़ के नीचे शरण लिए हुए हैं। गांव में मातम का माहौल है और पीड़ित महिलाएं राख के ढेर में अपनी बची-खुची गृहस्थी तलाश रही हैं।