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Farrukhabad: मंदिर जा रहे ससुर की दामाद ने सरेराह की हत्या; पिस्टल निकालने का भी नहीं मिला मौका, बहन भी घायल

Tue, 17 Feb 2026 12:19 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: हरदोई में रामताल हनुमान मंदिर जा रहे ग्रामीण की उनके दामाद ने धारदार हथियार से हत्या कर दी। हमले में मृतक की बहन भी घायल हुई है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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अस्पताल में रोते-बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरदोई जिले के रामताल हनुमान मंदिर दर्शन करने बहन के साथ बाइक से जा रहे ससुर की दामाद ने हथौड़ा चौराहे पर मंगलवार सुबह धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। हमला इतना जबरदस्त था कि उन्हें लाइसेंसी पिस्टल निकालने तक का मौका तक नहीं मिला। बहन के भी काफी चोटें आई हैं। उन्हें अल्लाहगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया।

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शाहजहांपुर जिले के थाना अल्हागंज के गांव इस्लामगंज निवासी अशोक बाबू अग्निहोत्री (51) मंगलवार तड़के अपनी बहन अल्का देवी के साथ बाइक से पड़ोसी जिला हरदोई के थाना पचदेवरा के गांव रामदास स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। वह जब हरदोई के रामताल पुलिया हथौड़ा चौराहे पर पहुंचे, तो घात लगाए बैठे दामाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर धारदार हथियार और सरिया से हमला बोल दिया।

हमले मे बहन भी हुई घायल
हमला इतना जबरदस्त था कि अशोक अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी नहीं निकाल सके। सूचना मिलते ही भतीजा रोहित अग्निहोत्री अन्य परिजन के साथ मौके पर पहुंचे और निजी वाहन से उन्हें लोहिया अस्पताल लाए। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन में चीख पुकार मच गई। साथ में मौजूद बहन अल्का देवी का अल्हागंज में ही इलाज कराया गया।

दामाद की भाई की जायदाद पर बुरी नजर है
छोटे भाई कृष्णकुमार अग्निहोत्री ने बताया कि अशोक तीन भाइयों में बीच के थे। सबसे बड़े रामबाबू अग्निहोत्री हैं। उनके एक बेटा सुंदर और बेटी लक्ष्मी है। दामाद ने बेटी को परेशान किया, तो कुछ माह पहले घर ले आए थे। कुछ दिन पहले उसने फोन पर भाई को सबक लेने की धमकी दी थी। हर मंगलवार की तरह वह आज भी मंदिर जा रहे थे। दामाद की भाई की जायदाद पर बुरी नजर है।
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घर में भतीजे की शादी की चल रही थीं तैयारियां

अशोक बाबू अग्निहोत्री के बड़े भाई रामबाबू के बेटे रोहित अग्निहोत्री उर्फ गोलू के सभी कपड़े खून से सने थे। पैरों में महावर और हाथ में कंकन बंधा था। छोटे भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि वह घटनास्थल गांव से पांच-छह किमी दूरी पर है। सूचना मिलते ही सबसे पहले वह और भतीजा मौके पर पहुंचा। रोहित ने चाचा को गोद में उठा लिया। सिर बुरी तरह कुचला था। मंगलवार को ही तिलक समारोह था। 21 फरवरी को बरात जानी थी। पूरा परिवार उसी की तैयारी में जुटा था।
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