हमले मे बहन भी हुई घायल
हमला इतना जबरदस्त था कि अशोक अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी नहीं निकाल सके। सूचना मिलते ही भतीजा रोहित अग्निहोत्री अन्य परिजन के साथ मौके पर पहुंचे और निजी वाहन से उन्हें लोहिया अस्पताल लाए। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन में चीख पुकार मच गई। साथ में मौजूद बहन अल्का देवी का अल्हागंज में ही इलाज कराया गया।
दामाद की भाई की जायदाद पर बुरी नजर है
छोटे भाई कृष्णकुमार अग्निहोत्री ने बताया कि अशोक तीन भाइयों में बीच के थे। सबसे बड़े रामबाबू अग्निहोत्री हैं। उनके एक बेटा सुंदर और बेटी लक्ष्मी है। दामाद ने बेटी को परेशान किया, तो कुछ माह पहले घर ले आए थे। कुछ दिन पहले उसने फोन पर भाई को सबक लेने की धमकी दी थी। हर मंगलवार की तरह वह आज भी मंदिर जा रहे थे। दामाद की भाई की जायदाद पर बुरी नजर है।
घर में भतीजे की शादी की चल रही थीं तैयारियां
अशोक बाबू अग्निहोत्री के बड़े भाई रामबाबू के बेटे रोहित अग्निहोत्री उर्फ गोलू के सभी कपड़े खून से सने थे। पैरों में महावर और हाथ में कंकन बंधा था। छोटे भाई कृष्ण कुमार ने बताया कि वह घटनास्थल गांव से पांच-छह किमी दूरी पर है। सूचना मिलते ही सबसे पहले वह और भतीजा मौके पर पहुंचा। रोहित ने चाचा को गोद में उठा लिया। सिर बुरी तरह कुचला था। मंगलवार को ही तिलक समारोह था। 21 फरवरी को बरात जानी थी। पूरा परिवार उसी की तैयारी में जुटा था।