गांव नगला जब्ब में खेत में धान की फसल खड़ी होने के बाद भी चकबंदी के लिए पैमाइश किए जाने का विरोध करते हुए किसानों ने लेखपाल व कनूनगो की टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इससे चार लेखपाल, दो कानूनगो के अलावा बचाने आईं दो महिलाएं घायल हो गईं। बचने के लिए घर में घुसने पर किसानों ने दरवाजे तोड़ दिए। कुर्सी-मेज भी तोड़फोड़ कर दी।
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ग्राम पंचायत बराकेशव के मजरा नगला जब्ब में बृहस्पतिवार दोपहर को चकबंदी लेखपाल राशिद अली, अविनाश, सत्यप्रकाश, सुरजीत और कानूनगो महिपाल व शिवकुमार खेतों की पैमाइश करने पहुंचे थे। कुछ खेतों की पैमाइश होने के बाद सभी गांव के सुरेंद्र के घर बाहर आकर बैठ गए। तभी वहां गांव बराकेशव करे दो सौ से अधिक लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए और कहा कि पैमाइश होने से खेतों में खड़ी धान की फसल खराब हो रही है। लेखपालों व कानूनगो ने समझाने का प्रयास किया तो किसानों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बचने के लिए सभी सुरेंद्र के घर घुस गए और दरवाजा बंद कर लिया तो किसानों ने दरवाजा तोड़ दिया। सुरेंद्र की पत्नी गुड्डी देवी व गांव की सरोजनी पत्नी रामसेवक ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी पीट दिया। इससे वह भी घायल हो गईं। यूपी 112 पुलिस के पहुंचने पर भी किसान मारपीट करते रहे। स्थिति गंभीर देख थाने में फोर्स बुला लिया गया तब हमलावर वहां से भाग गए। पुलिस सभी आठों घायलों को सीएचसी लेकर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। आरोपियों को तलाश किया जा रहा है।