जिलाधिकारी आवास में ड्यूटी कर रहे होमगार्ड के मकान पर दबंगों ने रात में जेसीबी चला दी। पीड़ित ने डीएम से शिकायत की, तो पुलिस ने जमीन विक्रेता के पुत्र को थाने में बैठा लिया। होमगार्ड ने घटना की जानकारी सीओ को दी तब उसे छोड़ा गया। मऊदरवाजा थाने के गांव नूरपुर जसमई निवासी अनिल कुमार जाटव ने दो साल पहले रघुनाथ से जमीन खरीदी थी। इसके बाद बाउंड्रीवाॅल करके टिनशेड डालकर पत्नी बच्चे रहने लगे। आरोप है कि कुछ दबंग इसका विरोध कर रहे थे। सोमवार रात जेसीबी लेकर पहुंचे दबंगों ने आधी रात को दीवारें, टिनशेड गिरा दिया। उसमें लेटी पत्नी पुष्पा व बेटी लक्ष्मी और जमीन के विक्रेता रघुनाथ बाल-बाल बच गए।
मंगलवार को पीड़ित ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की। पीड़ित होमगार्ड सीओ सिटी के पास गया, तो उन्होंने थानाध्यक्ष को जेसीबी और आरोपियों को पकड़ने के आदेश दिए। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस आरोपियों की बजाय जमीन विक्रेता रघुनाथ के पुत्र धीरू को पकड़ लिया। पीड़ित ने बताया कि अभी तक आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि पांच बीघे जमीन में कई लोगों ने बैनामा कराया है। मौके पर जमीन कम है। बिना बंटवारे के ही अनिल ने निर्माण शुरू करा दिया था। इसका वाद जिलाधिकारी कार्यालय में भी चलने की बात बताई जा रही है।