कानपुर। सिंहपुर में न्यू कानपुर सिटी के पहले फेज का काम शुरू कराने में रविवार को केडीए के अफसरों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। अधिकारी जब सीवर, पानी की लाइन डलवाने और ड्रेनेज सिस्टम का काम शुरू कराने पहुंचे तो किसानों ने उन्हें घेर लिया। वर्तमान दर के हिसाब से मुआवजा देने की मांग करते हुए महिलाओं और बच्चों को साथ लेकर जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने 30 से अधिक किसानों को हिरासत में लिया तो भीड़ पीछे हटी। इसके बाद काम शुरू कराया गया।
केडीए सिंहपुर में प्रस्तावित न्यू कानपुर सिटी की साइट पर करीब 20 किलोमीटर में सीवर, पानी की लाइन बिछाने और ड्रेनेज सिस्टम का काम कराना है। 18 माह में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है जिसमें करीब 80 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। रविवार को केडीए की पांच जेसीबी ने खोदाई शुरू की तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला और काम शुरू करा दिया गया है। इसे लेकर वह कई महीनों से विरोध कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस लाइन से देर शाम छोड़ा गया। इस दौरान केडीए सचिव अभय पांडेय, मुख्य अभियंता आरआरपी सिंह, विशेष कार्याधिकारी शत शुक्ला, अधिशासी अभियंता अमनदीप तिवारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जबरन घसीटने का लगाया आरोप
महिलाओं ने कहा कि वह विरोध करने पहुंचीं तो पुलिस ने अभद्रता करते हुए उन्हें, बच्चों और पुरुषों को जबरन घसीट कर एक बस में बैठा दिया। सभी को शहर ले गए और अन्य ग्रामीणों को धक्का देकर खदेड़ दिए। इस वजह से कुछ लोग गिरकर घायल भी हो गए।
परिवार की साढ़े पांच बीघा जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। पुलिस जबरन मां राजेश्वरी और भाई बीनू को धकियाते हुए बस में बैठाकर ले गई। - माधुरी कुशवाहा
हमारी जमीन है लेकिन केडीए ने मुआवजे पर कोई संतोषजनक जवाब अभी तक नहीं दिया। विरोध करने पर बेटे दीपक को पुलिस पकड़ कर ले गई है। - रामजानकी कुशवाहा
1996 में हुआ था जमीन का अधिग्रहण
केडीए ने साल 1996 में सिंहपुर, गंगपुर चकबदा, संभरपुर, हिंदूपुर, बैरी अकबरपुर की करीब 111.8468 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण न्यू कानपुर सिटी योजना के लिए किया था। किसानों के विरोध के कारण योजना को केडीए धरातल पर नहीं उतार सका है। अब पहले फेज का काम शुरू कराया गया है जो मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच 50 हेक्टेयर जमीन पर होना है। परियोजना में सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए 788 प्लाॅट लाने की तैयारी है। केडीए ने डेढ़ माह पहले भी सीवरेज, ड्रेनेज, पेयजल और सड़क का निर्माण शुरू किया था लेकिन किसानों ने नए सिरे से मुआवजा देने की मांग करते हुए हंगामा कर काम रुकवा दिया था। इसके बाद से किसान हर दिन सिंहपुर में धरना दे रहे हैं।
परियोजना के विकास कार्यों की शुरुआत करा दी गई है। कुछ पुराने किसानों ने विरोध का प्रयास किया था लेकिन पर्याप्त पुलिस बल देख कर वह पीछे हट गए। अब जल्द ही सड़क निर्माण का काम भी शुरू कराने की तैयारी है।
- अभय पांडेय, सचिव, केडीए