डीजीपी ने लिया संज्ञान, डीएम को भेजी रिपोर्ट
एसीपी ने परिवार को बताया कि डीजीपी के भी निर्देश हैं कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। एसीपी ने उन्हें बताया कि पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी भेज दी है। इससे रजिस्ट्री और दाखिल खारिज निरस्त हो सकेगी। बताया आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें उत्तराखंड, दिल्ली, मैनपुरी, इटावा, मध्य्प्रदेश, आगरा समेत अन्य जगहों के लिए रवाना की गई हैं।
साले, ड्राइवर व अधिवक्ता के नाम कराया था 25 लाख का एग्रीमेंट
मृतक किसान बाबू सिंह की पत्नी बिटान ने पुलिस को कुछ दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस ने जब दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि डॉ. प्रियरंजन ने किसान बाबू सिंह से 25 लाख रुपये में जमीन का एग्रीमेंट किया था। एग्रीमेंट डॉ. प्रियरंजन ने अपने साले राजन, ड्राइवर बबलू व अधिवक्ता अशोक गुप्ता के नाम से करवाया था। इसके बाद बिना किसान को खबर लगे यह जमीन राहुल जैन को बेच दी गई थी। रजिस्ट्री में गवाह के रूप में बबलू और राजन के नाम दर्ज हैं।
हस्ताक्षर मिलान के लिए एफएसएल भेजा गया सुसाइड नोट
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए किसान के खुदकुशी करने से पहले लिखे गए सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच के लिए एफएसएल भेजा है। थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि सुसाइड नोट में किए गए किसान के हस्ताक्षर का मिलान कराने के लिए पत्र को और किसान की हैंड राइटिंग में लिखे अन्य कागजातों को मिलान के लिए लैब भेजा जाएगा।