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विधायक और अधिकारियों ने न सुनी तो किसानों ने उठाया ये कदम

Mon, 18 Sep 2017 07:16 PM IST
राघवेंद्र सिंह यादव, अमर उजाला, कानपुर
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गाजीपुर रजबहे की सफाई करती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
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शासन और प्रशासन से गुहार लगाते लगाते थककर, किसानों ने खुद ही पैसे जुटा कर रजबहे की सफाई कराने का फैसला लिया। किसानों ने चंदा करके जेसीबी मशीन बुलाई और काम शुरू कराया। किसानों का यह प्रयास जितना ही सराहनीय है उतना ही शासन में बैठे लोगों की लचर कार्रवाई को दर्शाने वाला है।
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कानपुर भीतरगांव विकास खंड के गाजीपुर गांव के किसानों ने चंदा कर रजबहे की सिल्ट और झाड़-झंखाड़ की सफाई करानी शुरू कराई है। दो जेसीबी मशीनों के जरिए सफाई कार्य जारी है। बताया कि वर्षों से सफाई न कराए जाने से रजबहे में नहर का पानी खेतों तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। जबकि, बारिश के अभाव में खरीफ की फसलें सूख रही हैं। रजबहे की सफाई कराने के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक गए तो उन्होंने यह कदम उठाया है।

किसानों ने बताया कि रामगंगा (फतेहपुर शाखा) से निकले रजबहे से कभी इस इलाके के अरंजहामी, अरंजराम, पसियापुर, पर्वतखेड़ा, ढुकुआपुर, गाजीपुर, चतुरीखेड़ा, बीरनखेड़ा और पुरईहार सहित कई गांवों के खेतों की सिंचाई होती थी। लेकिन, बीते कई वर्षों से रजबहे की सिल्ट सफाई न कराए जाने से उसमें झाड़-झंखाड़ और घास-फूस उग आए हैं, जिससे करीब तीन वर्षों से अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है।
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किसानों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को नहर विभाग के अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय सांसद और विधायक के जनता दरबारों में पेश होकर बताया लेकिन, कहीं से कोई मदद नहीं मिली। जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो चंदा कर रजबहे की सफाई कराने की ठानी और काम भी शुरू करवा दिया है। गाजीपुर के किसानों का सहयोग है गाजीपुर गांव के किसान पंकज तिवारी ने बताया कि सफाई न होने से रजबहा चोक हो गया है। नहर विभाग की ओर से सफाई के नाम पर खानापूरी की जाती है।जिससे अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। बताया कि सिर्फ उनके गांव के ही किसानों ने चंदा जमा करके सफाई शुरू कराई है।
 
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बजट के इंतजार में सूख जाएंगी फसलें

किसान - फोटो : अमर उजाला
किसान कमल सिंह कछवाह ने बताया कि कईबार नहर विभाग के अधिकारियों से रजबहे की सफाई कराने के बावत बात की तो उनका जवाब है कि जब बजट आएगा तो सफाई कराई जाएगी। बताया कि यदि बजट का इंतजार करेंगे तब तक तो उनकी फसलें चौपट हो जाएंगी। विधायक आश्वासन देते रहे गांव निवासी किसान जयपाल सिंह राठौर ने बताया कि तीन वर्षों से गांव के किसान रजबहे की पानी से फसलों की सिंचाई करने को तरस रहे हैं।

क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा के जनता दरबार में कई बार यह समस्या बताई तो उन्होेंने बजट आने का आश्वासन देते रहे, तब किसानों ने खुद चंदा एकत्र समस्या समाधान की ठानी। निजी नलकूपों के संचालन में समस्या गांव निवासी नीरज सिंह ने बताया कि बिजली की समस्या के चलते निजी नलकूप भी नहीं चल पा रहे हैं। बताया कि गांव के तीन नलकूप सिर्फ लो वोल्टेज की समस्या से नहीं चल पा रहे हैं।

हैसियत के अनुसार दिया चंदा
रजबहे की सफाई अभियान से जुड़े अनवर सिंह यादव ने बताया कि गाजीपुर और आसपास का इलाका धान की बेल्ट के रूप में मशहूर है। जिसके चलते किसानों को फसल के लिए पानी की सख्त जरूरत है। बारिश न होने और सूख रही फसलों को बचाने के लिए सभी मिलकर भगीरथ प्रयास में जुटे हैं। किसानों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार चंदा देकर सहयोग किया है।

क्या बोले जिम्मेदार
नहर विभाग के अवर अभियंता विनोद यादव ने बताया कि रामगंगा से संबद्ध इस रजबहे की लंबाई 14 किलोमीटर है। बीते वर्ष रोस्टर और बजट के अनुसार सिर्फ पांच किलोमीटर तक की सफाई कराई जा सकी थी। बताया कि अगला बजट मिलने पर नवंबर के महीने में शेष भाग की सफाई करा पाना संभव होगा। बताया कि गाजीपुर के किसान चंदा कर रजबहे की सफाई करवा रहे हैं इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

 
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