शासन और प्रशासन से गुहार लगाते लगाते थककर, किसानों ने खुद ही पैसे जुटा कर रजबहे की सफाई कराने का फैसला लिया। किसानों ने चंदा करके जेसीबी मशीन बुलाई और काम शुरू कराया। किसानों का यह प्रयास जितना ही सराहनीय है उतना ही शासन में बैठे लोगों की लचर कार्रवाई को दर्शाने वाला है।
कानपुर भीतरगांव विकास खंड के गाजीपुर गांव के किसानों ने चंदा कर रजबहे की सिल्ट और झाड़-झंखाड़ की सफाई करानी शुरू कराई है। दो जेसीबी मशीनों के जरिए सफाई कार्य जारी है। बताया कि वर्षों से सफाई न कराए जाने से रजबहे में नहर का पानी खेतों तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। जबकि, बारिश के अभाव में खरीफ की फसलें सूख रही हैं। रजबहे की सफाई कराने के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाकर थक गए तो उन्होंने यह कदम उठाया है।
किसानों ने बताया कि रामगंगा (फतेहपुर शाखा) से निकले रजबहे से कभी इस इलाके के अरंजहामी, अरंजराम, पसियापुर, पर्वतखेड़ा, ढुकुआपुर, गाजीपुर, चतुरीखेड़ा, बीरनखेड़ा और पुरईहार सहित कई गांवों के खेतों की सिंचाई होती थी। लेकिन, बीते कई वर्षों से रजबहे की सिल्ट सफाई न कराए जाने से उसमें झाड़-झंखाड़ और घास-फूस उग आए हैं, जिससे करीब तीन वर्षों से अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं रहा है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को नहर विभाग के अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय सांसद और विधायक के जनता दरबारों में पेश होकर बताया लेकिन, कहीं से कोई मदद नहीं मिली। जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो चंदा कर रजबहे की सफाई कराने की ठानी और काम भी शुरू करवा दिया है। गाजीपुर के किसानों का सहयोग है गाजीपुर गांव के किसान पंकज तिवारी ने बताया कि सफाई न होने से रजबहा चोक हो गया है। नहर विभाग की ओर से सफाई के नाम पर खानापूरी की जाती है।जिससे अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। बताया कि सिर्फ उनके गांव के ही किसानों ने चंदा जमा करके सफाई शुरू कराई है।