बरौर। सब्जी, औषधीय व सुगंधित फूलों की खेती करने से किसान तीन गुना लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान हासिल कर सकते हैं। ये बातें सोमवार को द-मिलियन फार्मर्स स्कूल योजना के तहत बरौर में आयोजित किसान पाठशाला में उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने जानकारी देते हुए कही।
उन्होंने किसानों को बताया कि वह सामान्य फसल से हटकर उत्पादन करने का प्रयास करें। आज के समय में किसानों को कृषि में लागत से अधिक मुनाफा कमाना बहुत ही सहज हो गया है। इसके लिए सिर्फ तैयारी करनी है। बताया कि इसमें औषधीय व सब्जी की फसल प्रमुख है। सुगंधित पौधों में तुलसी, सिट्रानेला, लेमन ग्रास, पामा रोजा जिसका इत्र में प्रयोग होता है। जिला उद्यान अधिकारी बल्देव प्रसाद ने बताया कि किसान सब्जी की खेती करने के लिए डीघ में संचालित पौध नर्सरी में एक रुपये के हिसाब से पंजीकरण कर पौध तैयार करा सकते हैं। जिसमें उन्नति प्रजाति के पौधे प्राप्त होंगे। इसमें टमाटर, मिर्च, करेला, बैंगन आदि हैं।
जिला मत्स्य अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि किसान अपने खेतों में तालाब बनाकर मछली पालन कर सकते हैं। जिसमें सरकार खेत तालाब योजना के तहत अनुदान मुहैया कराती है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि किसान जैविक खेती को बढ़ावा दें उर्वरक का प्रयोग कम करें। समय पर मृदा परीक्षण कराते रहें। यहां जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता, सहायक निदेशक एफएसडीसी भक्ति विजय शुक्ल, रामनरेश सिंह, तकनीकी सहायक अशोक कुमार, रामलखन शाहू, राजकुमार त्रिपाठी, चंद्रशेखर राठौर आदि मौजूद रहे।