फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेडीकेटेड फ्रेट रेलवे काॅरीडोर में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान भड़के, टंकी पर चढ़ किया प्रदर्शन

Mon, 05 Nov 2018 12:34 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करते किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर: फूलपुर, इलाहाबाद से भाऊपुर तक बन रहे डेडीकेटेड फ्रेट रेलवे काॅरीडोर में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसान मांगें पूरी न होने से रविवार को भड़क गए। बिधनू में पानी की टंकी पर चढ़कर आमरण अनशन के दौरान किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस के समझाने पर किसानों ने टंकी से कूदकर जान देने की धमकी भी दी। देर शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अफसर किसानों को समझाने की कोशिश में जुटे रहे।
विज्ञापन



राष्ट्रीय लोकदल के मध्य उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार तिवारी और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित 20 किसानों ने बताया कि 26 अगस्त 2010 में 37 गांव के करीब 5000 किसानों की 144 हेक्टेयर भूमि का रेलवे कॉरीडोर के नाम पर अधिग्रहण किया गया था। अधिकारियों ने उस वक्त किसानों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा के साथ ही परिवार से एक व्यक्ति को योग्यता अनुसार नौकरी देने का भरोसा दिया था। इसका अभी तक पालन नहीं हो पाया है।

किसानों ने वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत  किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान और किसानों के ऊपर उपजिलाधिकारी द्वारा लगाए गए मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की। मांगों से संबंधित राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भी अफसरों को सौंपा। इसके बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुई। अब किसानों का सब्र टूट गया है। इसलिए न्यूरी गांव, बिधनू में पानी टंकी पर चढ़कर आमरण अनशन करने को मजबूर होना पड़ा। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने के बाद ही टंकी से नीचे उतरेंगे। देर शाम तक पुलिस और प्रशासनिक अफसर किसानों को मनाने में जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें