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सवा लाख रुपये के कर्जदार किसान ने किया खुदकुशी का प्रयास, मवेशियों के फसल चरने के बाद से था परेशान

Sun, 28 Jul 2019 08:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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किसान के जान देने के प्रयास के बाद घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई कोतवाली क्षेत्र के अंदा इब्राहिमपुर गांव में खेत में तैयार फसल को अन्ना मवेशियों ने चट कर लिया। इससे परेशान किसान ने पड़ोस के बाग में फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। आसपास मौजूद किसानों ने उसे बचा लिया। किसान पर सवा लाख रुपये का कर्ज भी है। एसडीएम ने मामले की जांच की बात कही है।
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अंदा इब्राहिमपुर निवासी हेमराज (58) के पास साढ़े सात बीघा खेत है। उसने 15 बीघा खेत बटाई पर ले रखा है। बटाई पर लिए गए खेत में गन्ना और लोबिया की फसल तैयार हो रही थी। चार दिन पहले हेमराज का बड़ा पुत्र अश्विनी दिल्ली में मजदूरी के दौरान गिरकर चुटहिल हो गया था। उसे देखने हेमराज दिल्ली गया था और शनिवार सुबह वापस आया था।

 

शनिवार दोपहर को वह खेत पर फसल देखने गया था। वहां फसल बर्बाद देख उसके होश उड़ गए। पता चला कि अन्ना मवेशियों ने फसल चट कर ली है। होश खो बैठा हेमराज पास ही स्थित बाग के मालिक के पास गया और रस्सी मांगी। हेमराज बाग में ही रस्सी से फांसी लगाने लगा तो लोगों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। हेमराज ने फफकते हुए बताया कि उसने बैंक से क्रेडिट कार्ड के जरिये 70 हजार रुपये का कर्ज लिया है, जबकि अन्य लोगों से 55 हजार रुपये उधार ले रखे हैं।

फसल तैयार होने पर रुपये वापस करने का वादा किया था, लेकिन उम्मीद टूटती देखकर उसने खुदकुशी करने का फैसला ले लिया। इसके बाद हेमराज गश खाकर गिर पड़ा। किसी तरह उसे घर ले जाया गया। उपजिलाधिकारी शाहाबाद रामप्रकाश ने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी योजना से किसान को लाभान्वित किया जा सके। फसल बीमा के प्रावधानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। 

 
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अंदा इब्राहिमपुर के आसपास कोई गोशाला नहीं 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए गोशालाओं को विकसित करने के निर्देश दिए थे। पिहानी विकास खंड में सिर्फ चार गोशालाओं का निर्माण कराया गया। यह गोशालाएं उमरसेड़ा, मंसूरनगर, रामपुर कोड़ा और कुंवरपुर वसीठ में हैं। इसके अलावा एक प्राइवेट गोशाला रैंगाई में है।

दरअसल गोशालाएं बनाते समय इलाके का भूगोल समझा ही नहीं गया और अधिकारियों ने सुविधा और ग्राम प्रधानों का सामर्थ्य देखकर गोशालाएं विकसित करा दीं। आलम यह है कि अंदा इब्राहिमपुर व इसके आसपास तक कई किलोमीटर क्षेत्रफल में कोई गोशाला नहीं है। पिहानी से चपरतला जाने वाले मार्ग पर स्थित गांवों में एक भी गोशाला ब्लाक के जिम्मेदारों ने नहीं बनवाई है। 
 
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