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ओला-बारिश से फसल हुई बर्बाद, सदमे में किसान की पत्नी फांसी पर झूली, लाश देख बेहोश हुआ पति

Sun, 15 Mar 2020 09:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद - फोटो : अमर उजाला
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बांदा में ओला बारिश से बर्बाद हुई बंटाई की खेती का सदमा किसान की पत्नी बर्दाश्त न कर सकी। खेत में पति को छोड़कर घर आ गई और फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, खेत से घर आए पति ने शव फंदे पर लटका देखा तो वह भी मूर्छित हो गया।
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दर्दनाक घटना बांदा के अतर्रा तहसील और थाना क्षेत्र के आऊ गांव की है। शनिवार को  मुन्नी (45) पत्नी रामजस वर्मा ने घर की अटारी में सूना मौका पाकर फांसी लगा ली। पति ने बताया कि सुबह मुन्नी उसके साथ खेत गई थी। वहां ओला बारिश से फसल को पहुंचे नुकसान देखकर उसे सदमा पहुंचा।

दोपहर तक खेत में बैठी रही। फिर पति को खेत में ही छोड़कर घर आ गई और फांसी लगा ली। पति ने बताया कि 10 बीघा खेत बंटाई पर ले रखा है। पति पत्नी दोनों मिलकर उस पर खेती करते थे। ओला बारिश से सरसों, चना और गेहूं को काफी नुकसान पहुंचा। बताया कि खेती के लिए प्राइवेट कर्ज भी ले रखा था।
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उधर, गांव के चौकीदार राधेश्याम और मृतक के देवर शिवपूजन ने थाने में सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। रविवार को मुख्यालय में पोस्टमार्टम हुआ। मृतका के एक पुत्र है। वह पत्नी के साथ परदेश में रहकर मजदूरी करता है।  

दिल का दौरा पड़ने से खेत में किसान की मौत
ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी देखने के बाद किसान की हार्ट अटैक से खेत में ही मौत हो गई।  देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव में रामेश्वर यादव (32) पचुवा यादव शनिवार की शाम से खेत गया था। वहां फसल बर्बाद देकर उसे दिल का दौरा पड़ा और वहीं मौत हो गई। पूरी रात शव खेतों में पड़ा रहा।

रविवार की सुबह ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा सुरक्षित रखा है। मृतक के मामा बेनी माधव (मर्का) ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि रामेश्वर के पास पांच बीघा जमीन थी। रामेश्वर पर बैंक का करीब चार लाख का कर्ज था। 
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