फतेहपुर जिले के अल्लीपुर में पिटाई से क्षुब्ध किसान के बेटे ने मंगलवार शाम घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला दो वर्गों के लोगों का होने की वजह से गांव में तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस को परिजनों ने शव उठाने से रोक दिया।
इसके बाद पुलिस ने परिजनों के आरोप पर तीन लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मलवां थाना क्षेत्र के अस्ता निवासी रामपति दिवकार का बेटा धर्मपाल (28) अविवाहित था। पिता ने बताया कि बेटा शाम को बकरी चराने घर से निकला था।
तालाब किनारे बुलाकी का आम का पेड़ है। इसके पत्ते तोड़कर बेटा बकरी को खिला रहा था। इस बीच बुलाकी के लड़के नूर मोहम्मद, आशिक अली और भतीजा सलमान पुत्र इकबाल वहां पहुंचे। इन लोगों ने बेटे धर्मपाल की पत्ते तोड़ने को लेकर पिटाई कर दी।
इसके साथ ही बेटे पर घर से जेवरात चोरी का आरोप लगाया। इससे पहले भी आरोपियों ने बेटे की सुबह घर में घुसकर पिटाई की थी। वह लोग अक्सर बेटे के साथ मारपीट करके उसे बेइज्ज्त करते थे। इससे आहत होकर शाम को बेटे ने बरामदे में रस्सी के फंदा बनाकर आत्महत्या की है।
घटना की सूचना पर सीओ सिटी संजय सिंह, थानेदार शेर सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। हंगामा होने पर कई थानों का फोर्स गांव पहुंचा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह से शव को कब्जे में लिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरोपी अक्सर गांव के लोगों के साथ बदसलूकी और मारपीट करते हैं। इनसे गांव के लोग परेशान और दहशत में रहते हैं। एसपी सतपाल आंतिल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दलित एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।