शाम करीब चार बजे गांव के राजकुमार गेहूं की मड़ाई के लिए खेतों की ओर निकले तो उन्होंने ट्यूबवेल के पास देशराज को पड़ा देखा। आवाज देने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पास जाकर देखा तो शरीर पर जलने के निशान थे। इसके बाद उन्होंने गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और रोने-बिलखने लगे। परिजनों का आरोप है कि रोजाना तय समय पर बिजली जाती थी, लेकिन इस दिन बिना सूचना के दोपहर में अचानक सप्लाई शुरू कर दी गई, जिससे यह घटना हुई। उनका कहना है कि यह सीधी लापरवाही है।
मृतक के परिवार में पत्नी सीमा, बेटे गोलू, करन और अंकित तथा बेटी संजोली हैं। घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है। वहीं बिजली विभाग के लाइनमैन छोटे ने बताया कि नौगवा गौतम गांव के पास तालाब किनारे आग लगने के कारण पानी की जरूरत थी, इसी वजह से सप्लाई चालू कराई गई थी। एसडीओ विनीत चौधरी ने कहा कि उन्हें सप्लाई के समय को लेकर जानकारी नहीं है। महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।