मौसम के तेवर शुक्रवार को एक बार फिर बिगड़ गए। सेंट्रल यूपी के तमाम जिलों मे काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ बूंदें भी गिरी हैं। मौसम विभाग ने आंधी और बारिश की संभावना जताई है। उधर दूसरी ओर बुंदेलखंड में ओलावृष्टि से बर्बाद एक और किसान ने आत्महत्या कर ली।
बदहाली में बांदा जिले के एक और किसान ने जान दे दी। उस पर बैंक का 50 हजार रुपये कर्ज था। इसके अलावा सयानी हो चुकी बेटी की शादी की चिंता भी उसे सता रही थी। इन हालात से टूटे किसान ने गुरुवार को खेत पर जहर खा लिया। नरैनी तहसील के गिरवां थाने के बिगहना गांव के शिवपूजन कुशवाहा (50) के नाम ढाई बीघा खेत हैं। उन्होंने तीन साल पहले इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, बिलगांव शाखा से केसीसी के जरिए 50 हजार रुपये कर्ज लिया था।
इस बार ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई। साथ ही बेटी माधुरी की शादी की भी चिंता थी। गुरुवार सुबह 8 बजे शिवपूजन घर से निकल गए और डेढ़ किमी दूर अपने खेत में जहर खा लिया। हालत बिगड़ते देख ग्रामीणों ने घरवालों को सूचना दी। परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां से रेफर किए जाने पर कानपुर ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। शिवपूजन के पुत्र शिवमूर्ति ने बताया कि पिता सुबह घर से मोबाइल बनवाने खुरहंड गांव जाने की बात कहकर निकले थे। उन्होंने बताया कि लघु-सीमांत किसान की श्रेणी में होने पर भी कर्ज माफी के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे थे, पर कर्ज माफ नहीं हो रहा था।
उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, शाखा बिलगांव के प्रबंधक केएल साहू ने बताया कि शिवपूजन पर वसूली के लिए बैंक का कोई दबाव नहीं था। न ही कोई नोटिस जारी किया था। कर्ज माफी शासन स्तर से होती है। उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम कराया है।