बुंदेलखंड में बेटी की फीस जुटाने में नाकाम किसान ने आग लगाकर दी जान
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बांदा में इंटर में 70 फीसदी अंक लेकर पास हुई बिटिया का डॉक्टर बनने का सपना टूटता देख तनाव में घिरे किसान ने आग लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान ने मेडिकल के कंप्टीशन की तैयारी के लिए चार दिन पहले ही बेटी का दाखिला कानपुर के एक कोचिंग सेंटर में कराया था।
कोचिंग की फीस के लिए रकम का इंतजाम न होने पर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना के केंद्र में कोतवाली देहात क्षेत्र के महोखर गांव का महेश शुक्ला (46) का परिवार। महज दो बीघा जमीन से घर-परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे महेश की बेटी संध्या ने इसी साल 70 फीसदी अंकों के साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।