उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में आग से जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के परिजनें का रविवार को जिला प्रशासन की वादाखिलाफी को लेकर आक्रोश फूटा। परिजनोें का कहना है कि अधिकारी मुख्यमंत्री से मिलवाना नहीं चाहते तो मना करें। वह खुद लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लेंगे।
मामले में सियासी तूफान उठने के बाद भी प्रशासन परिजनों को अब तक संतुष्ट नहीं कर पाया है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद मुख्यमंत्री के गांव आने की जिद पर अड़े परिजनों ने शव दफनाने से मना कर दिया था। जिस पर प्रशासन ने परिजनों को मुख्यमंत्री से मिलवाने का वादा किया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ
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अब तक परिजनों को मुख्यमंत्री से नहीं मिलवाया गया, जिस पर परिजनोें का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को मृतका के पिता और बड़ी बहन ने कहा कि प्रशासन मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने से मना करे तो वह खुद लखनऊ जाकर उनसे मुलाकात कर लेंगे। बहन ने प्रशासन पर मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाया है। बड़ी बहन का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी बार-बार उन्हें मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दे रहे हैं। अब तक तारीख निश्चित नहीं की गई। अधिकारी पूरे परिवार को धोखे में रख रहे हैं।
पुलिस की सुरक्षा बरकरार
पाटन। आग से दुष्कर्म पीड़िता को जलाकर मारने की वारदात के बाद से पुलिस परिवार की सुरक्षा में तैनात है। रविवार को भी पीड़िता के घर पर पुलिस व पीएसी के करीब 24 जवान पहरा देते रहे। वहीं समाधिस्थल पर दरोगा के साथ छह महिला व पुरुष सिपाही तैनात रहे। रविवार को भी परिजनों से मिलने के लिए उनके रिश्तेदार और परिचितों का आना-जाना लगा रहा।
एसआईटी ने परिजनों के दर्ज किए बयान
आग से जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मृतका के घर पहुंच माता-पिता, भाई और बड़ी बहन के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए। पीड़िता घटना वाले दिन कब और कहां जाने की बात कह घर से निकली थी, इन बिंदुओं पर सभी के अलग-अलग बयान दर्ज किए।