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Fake Teacher Recruitment: एक बाबू से हुई पूछताछ, डीआईओएस भी होंगे तलब, मास्टरमाइंड पिता-पुत्र भेजे गए जेल

Tue, 11 Jun 2024 09:49 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में कर्नलगंज थाने में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण की विवेचना के लिए एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी अब तक मास्टरमाइंड पिता-पुत्र समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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आरोपी पिता-पुत्र भेजे गए जेल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण में सोमवार को एसआईटी ने डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) कार्यालय के एक बाबू से घंटों पूछताछ के बाद उसके बयान दर्ज किए हैं। वहीं, एक सेवानिवृत समेत दो लिपिक बाहर होने की बात कहकर एसआईटी के सामने पेश नहीं हुए।

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अब मामले में साक्ष्य जुटाने और पूछताछ के लिए डीआईओएस कानपुर और उनके कार्यालय के कुछ बाबुओं को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा। दरअसल, डीआईओएस कार्यालय में ही फर्जी मेल भेजकर नौ फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति कराई गई थी। इस वजह से डीआईओएस से पूछा जाएगा कि कहां और किस-किसके स्तर से लापरवाही हुई है।

पिता-पुत्र समेत सात लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
लेक्चरर पद पर हुई फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में कर्नलगंज थाने में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण की विवेचना के लिए एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी अब तक मास्टरमाइंड पिता-पुत्र समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

नोटिस जारी कर सभी को तलब किया जाएगा
सोमवार को एसीपी व उनकी टीम ने डीआईओएस कार्यालय के लिपिक सुनील बाबू से पूछताछ की। एसआईटी अब डीआईओएस व उनके दफ्तर के कुछ और बाबुओं से साक्ष्य जुटाने व बयान दर्ज करने की तैयारी में है। डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम ने बताया कि नोटिस जारी कर सभी को तलब किया जाएगा।

मास्टरमाइंड पिता-पुत्र भेजे गए जेल
एक दिन पहले वाराणसी व महराजगंज से गिरफ्तार किए गए मास्टरमाइंड पिता-पुत्र हरेंद्र पांडेय और प्रकाश पांडेय को सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके पहले भी पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

लेक्चरर बनाने के लिए थे नौ लोगों से लिए थे 15-15 लाख रुपये
कानपुर के इंटर कॉलेजों में नौ लेक्चररों की नियुक्ति का खुलासा होने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पकड़े गए गैंग मुखिया सेवानिवृत शिक्षक और उसके बेटे ने बताया कि 15-15 लाख रुपये में अभ्यर्थियों को लेक्चरर बनाने का ठेका लिया था।

प्रधानाचार्य ने जांच की मांग की तब खुलासा हुआ था
माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड की फर्जी ई-मेल बनाने के साथ ही कानपुर डीआईओएस ऑफिस के बाबुओं तक सांठगांठ की थी। इसी वजह से कहीं भी फर्जी मेल पर किसी ने आपत्ति नहीं की। आर्यकन्या इंटर कॉलेज में रिक्षा पांडेय की नियुक्ति के बाद प्रधानाचार्य ने जांच की मांग की तब खुलासा हुआ था।
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डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों की भी संलिप्तता
एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि जेल भेजे गए वाराणसी के जैतपुरा निवासी हरेंद्र पांडेय और उनके बेटा प्रकाश पांडेय ने बताया कि उन्होंने ही भर्ती के नाम पर लोगों से 15-15 लाख रुपये में ठेका लिया था। हरेंद्र और प्रकाश के खाते में टोकन मनी के रूप में आए 50 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन भी मिला है। हरेंद्र ने बताया है कि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से लेकर कानपुर डीआईआएस ऑफिस तक उसकी सांठगांठ थी। उसने बाबुओं को भी घूस दी थी। जांच में जिन बाबुओं को भूमिका मिली, उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।
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