कानपुर में फर्जी स्टांप व नोटरी टिकट के साथ गुरुवार को पकड़ी गई जालसाज महिला व वेंडर से पूछताछ में एक और खुलासा हुआ है। दोनों पूर्व में जेल भेजे गए साथियों कर्नलगंज निवासी वेंडर शीजान व प्रयागराज निवासी रंजीत कुमार की जमानत के लिए वकील की तलाश में शहर आए थे।
एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि फर्जी स्टांप और नोटरी टिकट की छपाई भागलपुर, पटना व कोलकाता में होने का पता चला है। इन जगहों से सरगना पूरे गैंग का संचालन कर रहे हैं। धरपकड़ के लिए टीमों को लगाया गया है। बर्रा इंस्पेक्टर हरमीत सिंह ने बताया कि जौनपुर लाइन बाजार उमरपुर निवासी वेंडर चंदन कुमार गुप्ता व बिहार वैशाली लालगंज के लखनसराय गांव निवासी सरिता सरोज के पास से 2.71 लाख रुपये के इस्तेमाल किए हुए स्टांप व नोटरी टिकट बरामद हुए थे।
इनमें से ज्यादातर स्टांप लखनऊ और बदायूं कोषागार के हैं। दोनों रिजर्वेशन कराकर ट्रेन से जौनपुर से लखनऊ पहुंचे थे। यहां से लौटने का भी रिजर्वेशन था। जांच में रेलवे जैसे सरकारी विभागों के ठेकों में इस्तेमाल हुए स्टांप और नोटरी टिकटों को जालसाजों को बेचे जाने का इनपुट मिला है। जांच जारी है। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि स्टांप मुहैया कराने वाले लखनऊ के युवक को पकड़ने के लिए टीम भेजी गई है। वहीं पटना में ब्लीचिंग करने वाले की धरपकड़ के लिए जल्द टीम भेजेंगे।