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कानपुर: फर्जीवाड़ा पासपोर्ट मामले में कर्नलगंज पुलिस का खेल !

Fri, 28 Jan 2022 07:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कर्नलगंज पुलिस ने वसीम अली समेत तीन लोगों को पकड़ा था। एफआईआर दर्ज करने के बाद वसीम को जेल भेजा। अन्य दो पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी हो गई। आखिर दो लोगों को पुलिस ने क्यों छोड़ दिया।
 
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यूपी पुलिस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर् प्रदेश के कानपुर जिले में फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाने के खेल के मामले में आशंका है कि कर्नलगंज पुलिस ने भी खेल किया है। पुलिस ने मामले में तीन युवकों को पकड़ा था। एक को जेल भेजा और दो को छोड़ दिया। एक कांग्रेसी नेता की पैरवी पर दोनों को छोड़ा गया। इस संबंध में एसीपी कर्नलगंज को पूरी जानकारी है। वह अपने स्तर से जांच भी कर रहे हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कर्नलगंज पुलिस ने वसीम अली समेत तीन लोगों को पकड़ा था। एफआईआर दर्ज करने के बाद वसीम को जेल भेज दिया। अन्य दो पर बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ दिया गया। इसकी भनक पुलिस अधिकारियों को भी लग गई है। 

दो लोगों को पुलिस द्वारा छोड़े जाने पर सवाल उठना लाज़मी था, क्योंकि जिस तरह से वसीम फर्जीवाड़ा कर रहा था उससे साफ है कि गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। इस बारे में एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय का कहना है कि उनको इस संबंध में कुछ जानकारी मिली है। जिसके आधार पर वह जांच कर रहे हैं। पुलिस अफसर पता कर रहे हैं कि किन-किन लोगों ने वसीम से पासपोर्ट बनवाए।  वह भी जांच के घेरे में हैं।
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लाखों के पैकेज से विदेश भेजता था वसीम

कर्नलगंज इंस्पेक्टर बलराम मिश्रा ने बताया कि वसीम केवल पासपोर्ट बनवाने का ही आठ हजार रुपये लेता था। कभी-कभी वह इससे अधिक रकम भी वसूल लेता था। यही नहीं अगर कोई उसके पास जाकर विदेश जाने की बात कहता था तो वह दो ढाई लाख रुपये में पासपोर्ट बनवाने से लेकर टिकट व वीजा का भी इंतजाम करवाता था।

उसके लैपटॉप व कंप्यूटर से बरामद डाटा बेहद अहम है। उसकी सही पड़ताल जरूरी है।

बड़ी एजेंसी के जरिये जांच की जरूरत 

मामला संवेदनशील व गंभीर है। इसलिए इसमें पुलिस से जांच कराने केे साथ अगर किसी बड़ी एजेंसी जैसे एसटीएफ या एटीएस से जांच कराई जाए तो बड़े तथ्यात्मक खुलासे हो सकते हैं। वह बेहतर तरीके से तफ्तीश कर मामले की तह तक जा सकते हैं। 

डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मामले में जांच कराई जा रही है। अगर मामले में संलिप्त किसी भी शख्स को पकड़कर छोड़ा गया होगा तो जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी। 
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