इटावा। जाली नोट खपाने के पांच आरोपियों ने दो साल में इटावा के साथ ही मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत आसपास के करीब छह जिलों में करीब चार लाख रुपये के जाली नोट बाजार में खपा दिए हैं। वहीं मुख्य सरगना करुआ 2012 में पहली बार जाली नोटों के साथ गिरफ्तार हुआ था। करुआ की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश देने के साथ ही पूरे प्रदेश में फैले उसके नेटवर्क को भी तलाश रहीं हैं।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों में सोनू उर्फ सुखबीर और ओमवीर सिंह दोनों सगे भाई हैं। बताया कि दोनों भाइयों ने पूछताछ में बताया है कि वह मुख्य सरगना करुआ के साथ लगभग 2012 से संपर्क में हैं। बताया कि उन्होंने 2023 से अभी तक लगभग दो सालों में लगभग चार लाख रुपये करुआ से लिए थे। उसे उन्होंने मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत आसपास के लगभग छह जिलों में खपा दिया था। यह अंतिम खेत वह त्योहार पर सैफई, करहल क्षेत्र में खपाने के लिए घूम रहे थे। करीब एक से दो हजार से तीन हजार रुपये घूम-घूमकर खपा भी दिए थे। बचे 32200 रुपये भी खपाने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। इससे पहले भी वह करीब 13 सालों में लाखों रुपये के जाली नोट पूरे प्रदेश में चला चुके हैं। उधर, ओमवीर और सुखबीर ने पूछताछ में बताया कि वह मुख्य सरगना करुआ के संपर्क में लगभग 2012 से थे। वह उसके साथ अन्य अपराधों में भी शामिल रहे हैं। बताया कि करुआ का नेटवर्क पूरे प्रदेश में हैं। उनकी तरह कई जिलों में लोग उनके लिए काम कर रहे हैं, जो जाली नोटों को खपा रहे हैं।