नकली दवाओं का कारोबार करने वाले रायबरेली निवासी सरगना मनीष मिश्रा को पुलिस ने गुरुवार को जेल भेज दिया। क्राइम ब्रांच ने मनीष मिश्रा की गिरफ्तारी कानपुर में दादानगर पुल के पास से दिखाई है। उसके पास से एक गत्ता अल्ट्रासेट दवा (मांसपेशियों में दर्द की दवा) बरामद की।
दवा असली है या नकली यह पता करने के लिए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। मनीष ने बताया कि वह अलीगढ़, मेरठ, अहमदाबाद से नकली दवाइयां लेकर आता था। लखनऊ स्थित गोदाम में दवाइयों को रखता था।
इसके बाद डिमांड के अनुसार सप्लाई कर देता था। बताया कि नकली दवाओं की सप्लाई देश भर में होती है। गोरखपुर में नकली दवाइयों की सप्लाई कोलकाता से की जाती है। पूरे देश में नेटवर्क फैला है। नकली दवाओं की सप्लाई करने वाले वेंडरों की संख्या सैकड़ों में है।
मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने लखनऊ स्थित नकली दवाओं के गोदाम में छापेमारी कर करीब दो करोड़ की दवाइयां बरामद भी की थीं। एडीसीपी क्राइम दीपक भूकर के अनुसार मनीष ने काली कमाई से करोड़ों की संपति बनाई है, जिसके विषय में पता किया जा रहा है।