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वर्दी में सेना के दफ्तर में घूमता था फर्जी कर्नल, रिटायर कैप्टन के साथ मिलकर करता था ठगी

Sun, 19 May 2019 11:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फर्जी कर्नल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कथित कर्नल सूर्य प्रताप सिंह उर्फ मनोज कुमार सिंह वर्दी पहन और कर्नल की रैंक लगाकर सेना के दफ्तरों में भी घूमता था। यह खुलासा उसने पूछताछ में किया है। उसके गिरोह में फर्रुखाबाद निवासी एक कथित रिटायर कैप्टन का नाम सामने आया है। पुलिस कथित कैप्टन के बारे में जांच कर रही है।
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आरोपी फर्जी कर्नल मूलरूप से बर्सकुलासर गांव, बेला औरैया का रहने वाला है। उसके मुताबिक 2014 में पास केगांव ढेपारा में उसकी मुलाकात आवास विकास फर्रुखाबाद निवासी कमलेश चंद्र अग्निहोत्री से हुई थी। कमलेश ने खुद को सेना से रिटायर कैप्टन बताया था। कहा था कि अगर कोई सेना में भर्ती होना चाहता है तो वह करवा सकता है। कमलेश केकहने पर 2015 से लेकर अब तक झांसा देकर सूर्य प्रताप युवाओं से ठगी कर रहा था।

कैप्टन के नाम से लगी है मुहर, युवाओं को फतेहगढ़ ले जाता था

पुलिस के मुताबिक आरोपी पीड़ितों को जो नियुक्ति पत्र देता था, उसकी जांच की गई। सभी पत्रों में कैप्टन कमलेश चंद्र अग्निहोत्री केनाम की मुहर व दस्तखत हैं। पुलिस अब कमलेश तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटी है।

इंस्पेक्टर ने बताया कि फतेहगढ़ कैंट एरिया में सूर्य प्रताप बेखौफ होकर वर्दी पहनकर घूमता था। रेल बाजार की एक ट्रेवल्स कंपनी की गाड़ी से वह युवाओं को अपने साथ लेकर जाता था। कंपनी केड्राइवर संतोष दीक्षित ने बताया कि वह पिछले सात महीने में तीन बार उसको लेकर फतेहगढ़ गया था। इस दौरान वह लड़कों को इधर-उधर छोड़ देता था और खुद किसी कमरों में चला जाता था जिससे लड़कों को विश्वास होता था कि वह जो कह रहा है वह सच है।

 
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एक और एफआईआर दर्ज, वीडियो देखकर सीखी सेना की गतिविधि

रेल बाजार निवासी मोहम्मद नावेद ने फर्जी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह केखिलाफ रविवार को एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोप है कि फर्जी कर्नल ने एक साल पहले सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 4 लाख 50 हजार रुपये ठगे थे।

पुलिस ने रविवार को ड्रिल, सैल्यूट आदि का डेमो फर्जी कर्नल से लिया। उसने हर एक गतिविधि सही की। उसने बताया कि उसने यूट्यूब से सेना की गतिविधियों को सीखा। 
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