कानपुर में फर्जी जमानत प्रकरण में पुलिस ने गुरुवार को 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल भेजे गए आरोपियों में गैंगस्टर के आरोपी और जमानतदार भी शामिल हैं। जमानतदारों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर इन आरोपियों को जेल से रिहा कराया है।
आरोपियों पर हत्या, लूट, रंगदारी, धोखाधड़ी, जालसाजी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। डीआईजी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बुधवार रात फर्जी जमानत के मामले में 73 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था।
इसमें 59 गैंगस्टर के आरोपी और 14 जमानतदार शामिल हैं। सर्विलांस की मदद से गुरुवार को इनमें से छह गैंगस्टर के आरोपी और पांच जमानदारों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन सभी ने जमीन के फर्जी दस्तावेज जमानत में लगाए थे। यही नहीं जमानतदारों ने कहीं अपना नाम बदला तो कहीं फोटो। सत्यापन के बाद पुलिस ने सभी की गिरफ्तार की।
जैसा केस वैसी रकम
अपराधियों और जमानतदार के बीच एक गिरोह काम कर रहा है। इसमें कुछ कथित वकील, आरटीओ के दलाल शामिल हैं। एसपी के मुताबिक जैसा केस होता है वैसी रकम ये लोग आरोपियों से वसूलते हैं। हत्या, लूट और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में पचास से एक लाख रुपये तक लेते हैं। वहीं अन्य केसों में दस से चालीस हजार तक लेते हैं। यही फर्जी कागजात तैयार कराते हैं। फिलहाल गिरोह के बारे में अभी खुलासा नहीं किया है।