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बनेगा एरोसोल फैसिलिटी सेंटर

Wed, 24 Feb 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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एटॉमिक एनर्जी का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए आस्ट्रेलिया और कनाडा से यूरेनियम मंगाया जा रहा है। इसकी कमी के चलते नए एटॉमिक एनर्जी प्लांट स्थापित नहीं हो पाए। अब छह नए प्लांट का निर्माण चल रहा है।
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यह जानकारी एटॉमिक एनर्जी बोर्ड के चेयरमैन प्रो. शिव अभिलाष भारद्वाज ने दी। वह आईआईटी कानपुर की तीन दिवसीय (23-25) कार्यशाला में मंगलवार को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

आईआईटी कानपुर और डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी के बीच एटॉमिक प्लांट की सुरक्षा और संरक्षा पर समझौता हुआ है। इसके तहत ही आईआईटी कानपुर में एशिया का पहला नेशनल एरोसोल फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस पर जल्द काम शुरू होगा। इसकी मदद से पॉवर प्लांट की तकनीकी खराबी दूर की जाएगी।
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आपात स्थिति में नुकसान कम हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सेंटर की स्थापना पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका 50 फीसदी हिस्सा आईआईटी और 50 फीसदी डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी को देना है। इसी सिलसिले में कोआर्डिनेटर प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी की मौजूदगी में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इसका उद्घाटन एटॉमिक एनर्जी बोर्ड के चेयरमैन ने किया। इसमें जापान, स्पेन सहित तमाम देशों के 50 विज्ञानियों ने हिस्सा लिया। भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर और इंदिरा गांधी एटॉमिक रिसर्च सेंटर के विज्ञानी भी आए।

कोआर्डिनेटर ने बताया कि वर्ष 2011 में जापान में सुनामी आई थी। तब एटॉमिक एनर्जी प्लांट डैमेज हुए थे और 1600 लोगों की मौत हुई थी। भारत में 21 एटॉमिक एनर्जी प्लांट हैं। छह और का निर्माण चल रहा है। इनकी तकनीकी खराबी कैसे दूर हो, इसके विज्ञानी तैयार किए जाएंगे।
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