कानपुर। रैन बसेरों में वसूली की शिकायतें आने के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शनिवार रात घंटाघर स्थित स्मार्ट शेल्टर होम की गोपनीय जांच कराई तो कई अव्यवस्थाएं मिलीं। यहां रात में ठहरने के नाम पर 20 रुपये वसूलने की पुष्टि हुई। इसके बाद नगर आयुक्त ने इस सेल्टर होम को संचालित करने वाली संस्था को काली सूची में डालने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, निरीक्षण में लापरवाही पर प्रभारी अपर नगर आयुक्त संतोष यादव और जोनल अभियंता आरके तिवारी को कारण बताओ नोटिस दिया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो शासन को पूरे मामले की जानकारी देते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
घंटाघर स्मार्ट शेल्टर होम की क्षमता 24 व्यक्तियों की है। यहां निरीक्षण में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। न तो रसोईघर की व्यवस्था थी और ना ही पीने के पानी व शौचालय की सुविधा मिली। गद्दे, कंबल, दरी और चादर तो थे लेकिन उनकी साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी। बाल्टी और मग जैसी आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी शेल्टर होम में नहीं थीं। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबरों की जांच की गई। दो मोबाइल नंबरों पर इनकमिंग कॉल बंद मिली जबकि एक पर विवेक कुमार से संपर्क हुआ। निरीक्षण में नव सृजन सोसायटी के प्रतिनिधि अमर के शेल्टर होम में रात्रि निवास करने वालों से बीस रुपये लेने की पुष्टि हुई।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
बता दें कि अमर उजाला की पड़ताल में सुतरखाना में ठहरने वाले जरूरतमंदों से 40-40 रुपये वसूलने का मामला उजागर हुआ था। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इसे संचालित करने वाली संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए थे। साथ ही, सीएम कार्यालय ने कार्रवाई कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।