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Kanpur: सूडोमोनास बैक्टीरिया से गई छह मरीजों की रोशनी, सीएमओ बोले- फाइनल रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी कार्रवाई

Tue, 29 Nov 2022 09:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आराध्या आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले पांच रोगी हैलट के नेत्र रोग विभाग में भर्ती हैं। मरीजों की आंखों से मवाद के सैंपल में सूडोमोनास बैक्टीरिया की पुष्टि हो गई है। पांचवें रोगी राजाराम की आंखों से लिए सैंपल में सिर्फ मवाद की कोशिकाएं मिली हैं।
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मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद रोशनी जाने का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में आराध्या आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद रोशनी खोने वाले छह मरीजों के कल्चर सेंसिटिविटी टेस्ट में सूडोमोनास ग्राम निगेटिव बैक्टीरिया का संक्रमण मिला है। इसी संक्रमण की वजह से मरीजों की आंखों में इतनी तेजी से संक्रमण फैला है। विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों से मिलने वाले संक्रमण में सबसे ज्यादा यही बैक्टीरिया मिलता है। इस कारण अस्पताल अब जांच के घेरे में आ गया है।

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सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि अभी ओटी सैंपल की कल्चर रिपोर्ट नहीं आई है। दोनों रिपोर्ट का आकलन करके जो जांच कमेटी के विशेषज्ञ सुझाव देंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आंखों की रोशनी खोने के बाद हैलट में पांच मरीज भर्ती हैं। इनमें से चार के सैंपल में सूडोमोनास की पुष्टि हुई है। आशंका है कि ऑपरेशन के बाद रोगियों की अनदेखी के कारण ही उनकी आंखें चली गईं।

रोगियों को सूडोमोनास के संक्रमण से बचाने के लिए ही अधिक दिन तक अस्पताल में नहीं रखा जाता है। शेर सिंह (70), सुल्ताना देवी (75), नन्ही देवी (70) और रमेश कश्यप (50) की आंखों से मवाद के सैंपल में सूडोमोनास बैक्टीरिया की पुष्टि हो गई है।

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पांचवें रोगी राजाराम (70) की आंखों से लिए सैंपल में सिर्फ मवाद की कोशिकाएं मिली हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने कल्चर सेंसिटिविटी रिपोर्ट दी है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने कल्चर टेस्ट में सूडोमोनास बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर के सैंपल भी विभाग को जांच के लिए दिए हैं। ओटी सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। इसके पहले 22 नवंबर को जांच टीम ने ओटी का निरीक्षण करके रिपोर्ट देखी थी। सात नवंबर की ओटी सैंपल रिपोर्ट जीरो बैक्टीरिया रही है। सीएमओ डॉ. रंजन का कहना है कि नई रिपोर्ट आने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी।

नेत्र रोग वार्ड में संक्रमण का खतरा
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखें खराब होने वाले पांच रोगियों को हैलट के नेत्र रोग विभाग के वार्ड में रखा गया है। इन्हें सूडोमोनास बैक्टीरिया के संक्रमण की पुष्टि के बाद वार्ड में घबराहट पैदा हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि यह संक्रमण वार्ड में भर्ती दूसरे रोगियों में भी फैल सकता है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान का कहना है कि इन रोगियों को एक तरफ रखा गया है। वैसे संक्रमण फैलने का खतरा तो रहता ही है। इन्हें दो-तीन दिन में डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। रोगी ऑपरेशन कराने से मना कर रहे हैं। कुछ की आंखों का गोला भी निकालना पड़ सकता है। वैसे आंखों की सफाई जरूरी है।

फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर दी गई है। मुकदमा दाखिल हो गया है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई तय की जाएगी। पहले से कुछ नहीं कहा जा सकता है। ओटी सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।
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ग्राम निगेटिव बैक्टीरिया है सूडोमोनास
सूडोमोनास ग्राम निगेटिव बैक्टीरिया है। अस्पतालों से लगने वाले संक्रमण में यह बैक्टीरिया भी रोगियों में निकलता है। इसका संक्रमण खतरनाक माना जाता है। इस बैक्टीरिया पर ज्यादातर एंटीबायोटिक असर नहीं करती हैं। ओटी के अलावा वार्डों, अस्पतालों के टॉयलेट आदि से भी यह संक्रमण मिल सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मधु यादव ने बताया कि अस्पताल के अलावा इसका संक्रमण बाहर भी मिल सकता है। अस्पतालों के संक्रमण के केस में यह बैक्टीरिया भी निकलता है।  
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