इस तरह टार्च की रोशनी में हुए थे आंख के ऑपरेशन
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में टार्च की रोशनी में आंखों का आपरेशन करने वाले औरैया के निलंबित एसीएमओ की पत्नी जिले में डाक्टर के पद पर तैनात हैं। वह आपरेशन कराने वाले एनजीओ(गैर सरकारी संगठन) की सचिव भी हैं। शुक्रवार को इसका खुलासा होने पर अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
नवाबगंज में सोमवार को ओम जगदंबा सेवा समिति ने नेत्र शिविर लगाया था। शिविर में समिति से अनुबंधित डाक्टर नूतन सक्सेना को रोगियों की आंखों का आपरेशन करना था। उनकी जगह दूसरे डाक्टर ने टार्च की रोशनी में आंखों का आपरेशन कर दिया था। अपर स्वास्थ्य निदेशक, संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक, एसडीएम हसनगंज के साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की थी। जांच में सीएमओ व नवाबगंज स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की लापरवाही सामने आई थी।
इस पर सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद को पद से हटाने के बाद प्रभारी डा. देवेश दास को निलंबित कर दिया गया था। वहीं औरैया के एसीएमओ डा. केके श्रीवास्तव द्वारा रोगियों का आपरेशन करने पर शासन ने उन्हें भी निलंबित कर दिया। इस बीच जांच में जुटे अधिकारियों को पता चला कि संस्था की सचिव शालिनी श्रीवास्तव उन्नाव में ही डाक्टर के पद पर तैनात हैं। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में वह शुक्लागंज के एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हैं।
सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने बताया कि शुक्लागंज में तैनात डा. शालिनी श्रीवास्तव की तैनाती राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संविदा पर हुई है। संविदा पर तैनात डाक्टर एनजीओ में सचिव के पद पर रह सकते हैं। हालांकि शुक्लागंज में तैनात शालिनी श्रीवास्तव ही एसीएमओ की पत्नी हैं या नहीं इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।