कानपुर। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) में गैस लदे छह टायर ट्रक निकलने पर 1250 रुपये वसूलने का खेल चल रहा था। पुलिस ने सोमवार दोपहर आरोपियों को रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दबौली निवासी ट्रक मालिक की मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत करने के बाद हुई। पुलिस ने ट्रक मालिक के साथ चालक और क्लीनर बनकर खेल का राजफाश किया। देर शाम पनकी थाने में आईओसी के पूर्व व वर्तमान कर्मचारी, ठेकेदार समेत पांच के खिलाफ जबरन वसूली की रिपोर्ट दर्ज की गई।
दबौली वेस्ट के संत कबीरनगर निवासी संतोष कुमार ने पुलिस को बताया कि पनकी स्थित गैस प्लांट में ठेकेदार, कर्मचारियों और अन्य लोग लोडिंग के नाम पर प्रति चक्कर अवैध वसूली करते हैं। उनके पास छह टायरा ट्रक है। ट्रक 19 अक्तूबर 2023 से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पनकी प्लांट में लगा हुआ है। प्रतिदिन 8400 रुपये किराया तय है। यहां से जंबो गैस सिलिंडर लोड कराकर रिमझिम फैक्टरी उन्नाव में भेजा जाता है। कंपनी ने ट्रक का भाड़ा घटाकर 6100 रुपये कर दिया।
आरोप लगाया कि लोडिंग के दौरान 1250 रुपये वसूल किए जाते हैं। उन्होंने चार अक्तूबर को मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। वहां से जांच पुलिस कमिश्नर कार्यालय भेजी गई। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी। एडीसीपी पश्चिम दोपहर करीब 1:30 बजे आईओसी के प्लांट के बाहर पहुंच गए। उन्होंने सचेंडी और कल्याणपुर थाने का फोर्स बुला लिया।
ट्रक मालिक संतोष कुमार के साथ सिविल ड्रेस में सचेंडी के फोर्स को भेजा। एडीसीपी के मुताबिक जैसे ही ट्रक गैस सिलिंडर लेकर निकला चालक से 1250 रुपये लिए गए। केमिकल लगे नोट पकड़ते ही पुलिसकर्मियों ने राजस्थान के भरतपुर निवासी मोहन को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर कानपुर देहात के गजनेर निवासी सुमेंद्र भदौरिया, ठेकेदार किशनलाल गोयत को हिरासत में लिया गया।
तीनों से पूछताछ के बाद रुपये लेने में आईओसी के सेल्समैन मानवेंद्र भटनागर और पूर्व मैनेजर संतोष कुमार का नाम सामने आया। पनकी पुलिस ने ट्रक मालिक संतोष कुमार की तहरीर पर मानवेंद्र भटनागर, संतोष कुमार, किशनलाल गोयत, सुमेंद्र भदौरिया और मोहन के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज की।