कस्बा स्थित शांति मेमोरियल बाल गृह में उपजिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने
रविवार की शाम औचक छापा मारा। बाल गृह में कड़ाके की ठंड में भी बच्चे बिना
चप्पल और पर्याप्त कपड़े में भी नहीं मिले। वहां पर भीषण गंदगी को देख
एसडीएम बिफर पड़ीं, उन्होंने सफाई कर्मी को बुलाकर साफ-सफाई करवाई। सड़ांध
के कारण एसडीएम को बालगृह में घुसते ही नाक पर रुमाल रखना पड़ा। मौके से
संचालक नदारद थे। एसडीएम ने फोन पर संचालक को फटकार लगाकर जिलाधिकारी को
बालगृह में मिले हालात की रिपोर्ट देने की बात कही है। बच्चों से पूछताछ
में पता चला कि डंडे मार कर खाना बनवाया जाता है।
उपजिलाधिकारी
(अकबरपुर) अपूर्वा दुबे को किसी व्यक्ति ने बालगृह में गंदगी और बच्चों की
समस्याओं से रूबरू करवाया था। एसडीएम अपूर्वा दुबे ने तहसीलदार और रनिया
चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार यादव के साथ छापा मारा। बाल गृह में एसडीएम ने
जैसे ही प्रवेश किया, वहां भीषण गंदगी और सड़ांध थी।
बदबू के कारण छापा
मारने गई टीम को नाक पर रुमाल तक लगाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोग यही बोले
कि हम लोगों की हालत खराब हो रही है तो बच्चे कैसे रहते होंगे। एसडीएम
ने संचालक के बारे में पूछा तो पता चला है कि वह बाहर गए हैं। एक अनाधिकृत
महिला बाल गृह जिम्मेदारी संभालती मिली।
उन्होंने जब शौचालय, बिस्तर व अन्य
स्थानों का निरीक्षण किया तो गंदगी देखकर भड़क उठीं। उन्होंने तत्काल सफाई
कर्मी बुलाकर कूड़ा हटवाया और जिला कमांडेंट को एक होमगार्ड की ड्यूटी
लगाने का निर्देश दिया।
बालगृह में मौजूद बच्चों से एसडीएम ने हालचाल
पूछा तो सन्न रह गईं। एक बच्चे ने कहा कि मैडम यहां पर तो डंडा मारकर खाना
बनवाया जाता है, और सफाई करवाई जाती है।
कई बार खाने में सिर्फ नमक और रोटी
दी जाती है। खाना इतना खराब मिलता है कि जानवर भी न खाएं। एसडीएम ने फोन
पर संचालक को फटकार लगाई। एक घंटे तक रुकी एसडीएम ने पूरे हालात पर
जिलाधिकारी को रिपोर्ट देने की बात कही है।