कानपुर। ऑस्ट्रेलिया के साथ कारोबारी रिश्ते और बढ़ सकेंगे। शहर से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात दोगुना हो सकेगा। एक जनवरी से कानपुर समेत देश भर से शुल्क मुक्त उत्पाद वहां जा सकेंगे। ऑस्ट्रेलिया के साथ शहर से लगातार कारोबार बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि ऑस्ट्रेलिया अब 13वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार हो गया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया कानपुर के लिए एक अच्छा बाजार है। वहां पर चमड़ा, वस्त्र और सब्जी मसाला की मांग बढ़ रही है। पिछले साल कानपुर से करीब 900 करोड़ का निर्यात हुआ था। 2022 के अंत में सरकार ने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया इकोनॉमिक्स कोऑपरेशन ट्रेड एग्रीमेंट किया था। अब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक जनवरी 2026 से दोनों देशों के बीच शुल्क मुक्त कारोबार होने का एलान किया है।
उन्होंने बताया वित्त वर्ष 23-24 के दौरान ऑस्ट्रेलिया 13वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है। कानपुर से फैशन वाले जूते, सैंडल, अपर, सैडलरी, अलग-अलग प्रकार के कपड़ों के अलावा सब्जी मसाला की बहुत अच्छी मांग है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीयों के बीच ये उत्पाद सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों से पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स, रत्न व आभूषण का निर्यात होता है। ऑस्ट्रेलिया औद्योगिक टेक्सटाइल, गारमेंट, रेडीमेड कपड़ों का बहुत बड़ा बाजार है।
कुछ समय पहले वहां पर व्यापार मेले का आयोजन किया गया था। शहर की तीन कंपनियों को साल भर के लिए 450 से 500 करोड़ के ऑर्डर मिले थे। इसमें कपड़ा, रेडीमेड, परिधान, औद्योगिक परिधान, चमड़े के जूते, चमड़े के बैग आदि के स्टॉल लगाए गए थे। अगले दो से तीन सालों में निर्यात दोगुना होने का अनुमान है।