मोतीझील में लगे इलेक्ट्रिक एक्सपो में मेक इन इंडिया का जलवा देखने को मिला। यहां अधिकतर भारतीय बाजार में बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। बेहतरीन क्वालिटी के जरिए विदेशी सामान को मात देने की योजना यहां कारगर दिखी।
बड़े पैमाने पर लोगों ने इन उत्पादों को पसंद किया और डिजाइन और क्वालिटी की तारीफ की। प्रदर्शनी में 40 से अधिक कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए है।
खूब पसंद किया सोलर लैंप
ईआरडी कंपनी के सोलर लैंप की खूब मांग दिखी। 1600 रुपये कीमत के इस लैंप को 12 घंटे धूप में रखने पर तीन वॉट के बराबर चार्जिंग होती है। फुल चार्जिंग पर लगातार 17 घंटे तक रोशनी ली जा सकती है।
इसके अंदर लगी एलईडी की दो साल की वारंटी है। खास बात ये है कि सर्दी या बरसात में जब धूप न निकल रही हो तब इसे बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है।
प्लेटिया स्विच में नहीं लगेगी आग
विप्रो कंपनी ने प्लेटिया स्विच लांच किए हैं। ये दिखने में सपाट लगते हैं। एक ही तरफ पुश करने पर ऑन और ऑफ होते हैं। कंपनी का दावा है कि इन स्विचों की 950 सेंटीग्रेड डिग्री हीट पर जांच हुई है। इनमें आग नहीं लग सकती। पांच स्विच की कीमत करीब एक हजार रुपये है।
50 वॉट के पंखे
पैनासोनिक ने 50 वॉट का सीलिंग फैन पेश किया। स्टॉल में इसे देखने, भाव पूछने और बुक करने के लिए डीलरों और दुकानदारों में होड़ मची रही। कंपनी ने इसकी कीमत 1200 रुपये निर्धारित की है। कंपनी का दावा है कि जल्द ही इससे कम वॉट के पंखे भी लांच किए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक उत्पादों में आत्मनिर्भर होगा देश
आने वाले समय में भारत इलेक्ट्रिक उत्पादों में आत्मनिर्भर हो जाएगा। अन्य देशों का वर्चस्व टूटेगा और देश पूरी तरह से स्वदेशी उपकरण इस्तेमाल करेगा।
हैवेल्स इंडिया लिमिटेड के एसोसिएट डायरेक्टर राकेश मेहरोत्रा ने बुधवार को कानपुर इलेक्ट्रिक कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्लेटिनम जुबली समारोह के समापन पर भारतीय उत्पादकों पर यह भरोसा जताया। श्री मेहरोत्रा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
साथ ही कानपुर इलेक्ट्रिक कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की आम बैठक हुई। तय हुआ कि भारतीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में चेयरमैन गोपालकृष्ण तिवारी, अध्यक्ष राजीव मेहरोत्रा, महामंत्री प्रवीण आनंद, कोषाध्यक्ष शरद अग्रवाल, श्याम लाल कुकरेजा, मोहित अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
पांच कंपनियों को पुरस्कार
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शनी लगाने वाली पांच कंपनियों को विशिष्ट पुरस्कार से नवाजा गया। इनमें नोरेसेस, लीगेंड, हैवेल्स, गिरीश और जीएम कंपनियां शामिल रहीं। इन कंपनियों के स्टॉल पर सबसे ज्यादा लोगों ने इनके उत्पाद देखे। इसके अलावा 40 अन्य कंपनियों को भी सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इसी तरह इलेक्ट्रिक एक्सपो में लोगों को आकर्षित करने के लिए गिफ्ट की भी व्यवस्था की गई थी। हर दो घंटे पर 15 गिफ्ट दिए गए। तीन दिन में कुल 120 उपहार बांटे गए।
‘टेक्नोलॉजी से चमड़ा उद्योग को बनाएं हाईटेक’
कानपुर(ब्यूरो)। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लेदर इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भी आगे आना होगा। देश की अर्थव्यवस्था में लेदर इंडस्ट्री का अहम रोल तो है ही, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी इसका अव्वल स्थान है।
इस उद्योग में एक्सपोर्ट के साथ घरेलू बाजार में भी अच्छी संभावनाएं हैं। समाज के निचले वर्ग को रोजगार देने में भी यह क्षेत्र अव्वल है। इसे हाईटेक करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा।
काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के सेंट्रल रीजन के डायरेक्टर उज्जवल घटक ने चमड़ा उत्पादकों और निर्यातकों को बुधवार को यह संदेश दिया।
मेक इन इंडिया के तहत चमड़ा उत्पादन और चमड़ा उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई के सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएलआरआई) और कानपुर स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के सेंट्रल रीजन की ओर से एचबीटीआई परिसर में सीएलई सभागार में सेमिनार का आयोजन किया गया।
लेदर इंडस्ट्री से जुड़े निर्यातकों और उत्पादकों को नई टेक्नोलॉजी की जानकारी देने के लिए सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट चेन्नई के चीफ साइंटिस्ट डॉ. संजीव गुप्ता, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. के कृष्णराज, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट पी. सरवन ने भी टिप्स दिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन, एचबीटीआई के प्रिंसिपल डॉ. अशोक कुमार, मुख्तारुल अमीन, सीएलई के पूर्व चेयरमैन आरके जालान, एक्सपोर्टर राकेश सूरी, जावेद इकबाल आदि मौजूद रहे।