हाईकोर्ट ने बुधवार को केडीए के प्लाटों पर अवैध रूप से कब्जा कर बने मकानों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। केडीए से कार्रवाई रिपोर्ट 10 फरवरी को पेश करने का आदेश दिया है।
काकादेव एम-ब्लाक के मकान नंबर 254 निवासी दयाशंकर मिश्रा ने 14 फरवरी 2011 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके मकान का नियमितीकरण करने की मांग की थी। इसमें राज्य सरकार सहित अन्य को पार्टी बनाया गया।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश अरुण टंडन व हर्ष कुमार की अदालत में केडीए ने जवाब दाखिल किया। 18 जनवरी को इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि केडीए उपाध्यक्ष कोर्ट में अगली तारीख (27 जनवरी) को उपस्थित होकर बताएं कि किस कानून के तहत विकास प्राधिकरण को अधिकार है कि वह अवैध निर्माण को नियमित करे।
प्राधिकरण का उद्देश्य सुनियोजित विकास कराना है, न कि अवैध निर्माणों को नियमित करना। बुधवार को केडीए वीसी जयश्री भोज ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। कहा कि 23 सितंबर 2004 को जारी शासनादेश के बाद से ही नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की जा रही है।
दयानंद ने केडीए के प्लाट 294 एम-ब्लाक काकादेव के मद में 24000 रुपये जमा दर्शाते हुए नियमितीकरण न किए जाने का उल्लेख किया है और उस प्लाट की फ्रीहोल्ड रजिस्ट्री करने का अनुरोध किया है। रोक की वजह से नियमितीकरण किया जाना संभव नहीं है।