कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विवि जबलपुर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार सिन्हा, प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी रहे।
यहां डॉ. मनोज ने तकनीकी नवाचारों से निपटने के लिए गतिशील विधिक ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि एआई सहायक उपकरण हो सकता है परंतु मनुष्य का पूर्ण विकल्प नहीं।
कानून, प्रौद्योगिकी और समाज : उभरते मुद्दे और अंर्तविषयी दृष्टिकोण विषय पर आधारित सम्मेलन की शुरुआत ऑनलाइन मोड में दो सत्रों से हुई। इसमें कुल 128 शोध-पत्र विभिन्न शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों की ओर से प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में कानून और प्रौद्योगिकी के उभरते अंतर संबंधों पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रमुख विषयों में डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल अर्थव्यवस्था में बौद्धिक संपदा अधिकार, डिजिटल गवर्नेंस और प्रौद्योगिकी नियमन में नैतिक दुविधाएं शामिल रहीं। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता सविथा स्कूल ऑफ लॉ चेन्नई के प्रो. वेणु गोपाल, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ. अमनदीप सिंह ने की। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक डॉ. पंकज द्विवेदी ने की। सहायक प्रोफेसर समीउद्दीन ने विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।