दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) वित्तीय संस्थानों और कंपनियों में होने वाले फ्रॉड पकड़ने के लिए अब फोरेंसिक ऑडिट एक्सपर्ट तैयार करेगा।
आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल के सदस्य मनु अग्रवाल ने बताया कि संस्थान जल्द ही कानपुर में फोरेंसिक ऑडिट का कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस कोर्स में सीए की पढ़ाई और प्रैक्टिस करने वालों को शामिल किया जाएगा।
बैंकिंग, बीमा कंपनियां, सरकारी और गैर सरकारी वित्तीय संस्थानों में अक्सर विभागीय और बाहरी लोगों की मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं होती रहती हैं। ऐसे मामलों में जांच के लिए विशेषज्ञों की कमी है। मनु अग्रवाल ने बताया कि यह एक प्रकार का विशेषज्ञता वाला कोर्स होगा।
इसमें देश और दुनिया के जाने माने विशेषज्ञ वित्तीय संस्थानों में होने वाले फ्रॉड को पकड़ने के गुर सिखाएंगे। इस कमी को देखते हुए ही संस्थान ने फोरेंसिक ऑडिट का कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है। इसका प्रारूप तैयार हो चुका है। जल्द ही इसे प्रैक्टिस में लाया जाएगा।
देश का एक संस्थान
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया ही देश में एक मात्र ऐसा संस्थान है जो देश की जरूरत के मुताबिक एक्सपर्ट तैयार करता है। संस्थान से पढ़कर निकले सीए जीवन पर्यंत इससे जुड़े रहते हैं।
अनियमितता पाए जाने पर इनका लाइसेंस तक निरस्त हो जाता है। इन्हीं खूबियों की वजह से संस्थान फोरेंसिक ऑडिट के एक्सपर्ट भी जरूरत के हिसाब से तैयार करेगा।
कानपुर की स्थिति
कानपुर देश के पांच रीजनल काउंसिल में से एक है। कानपुर चैप्टर के अधीन सात राज्य आते हैं। इसकी 46 शाखाएं हैं। दो लाख सीए स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में सेंट्रल और रीजनल काउंसिल के सदस्य कानपुर से ही हैं।
कानपुर में खुलवाएंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कानपुर। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की सेंट्रल काउंसिल के सदस्य मनु अग्रवाल और रीजनल काउंसिल के सदस्य दीप कुमार मिश्रा बुधवार को पहली बार मीडिया से मुखातिब हुए। आईसीएआई कानपुर चैप्टर में दोनों ने कहा कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंस्टीट्यूट’ कानपुर में खुलवाने के लिए पूरा जोर रहेगा।
फिलहाल ये इंस्टीट्यूट हैदराबाद और फरीदाबाद में हैं। तीसरा इंस्टीट्यूट जयपुर में खोलने की तैयारी चल रही है। इस मौके पर सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के वाइस चेयरमैन पीयूष अग्रवाल, सीए मनु अग्रवाल ने बताया कि छह साल बाद कानपुर को सेंट्रल काउंसिल में सदस्यता मिली है। सेंट्रल काउंसिल का सदस्य ही आगे चलकर प्रेसिडेंट बनता है। यहां शाहिद कामरान खान भी मौजूद रहे।
क्या है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सीए की पढ़ाई कर चुके स्टूडेंट या फिर प्रैक्टिस कर रहे सीए के लिए एडवांस कोर्स होते हैं। ये कोर्स अलग-अलग सेक्टर में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए शार्ट टर्म और लांग टर्म होते हैं।
दरअसल बहुत से ऐसे सब्जेक्ट होते हैं जो पढ़ाई के दौरान चलन में नहीं होते। जैसे सर्विस टैक्स और वैट अभी आया है। जीएसटी भी नया सब्जेक्ट है। अभी इस पर किसी की विशेषज्ञता नहीं है।