कानपुर में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगमन पर उनके
‘ड्रीम प्रोजेक्ट्स’ की सुस्त गति का ‘अमर उजाला’ में जिक्र होते ही अब
जिम्मेदार अफसरों के कान खड़े हो गए और आंखें खुल गई हैं।
विकास कार्यों
में तेजी लाने के लिए आनन-फानन बैठकों का दौर शुरू हो गया है। चुनावी वर्ष
होने के कारण सरकार के लिए भी ये मसला बेहद संवेदनशील हो गया है।
मुख्यमंत्री के जाते ही अगले दिन बुधवार को कमिश्नर ने बैठक बुलाकर अफसरों
को टाइट किया तो जिलाधिकारी भी गुरुवार को अफसरों की बैठक कर ‘ड्रीम
प्रोजेक्ट्स’ की बाधाएं दूर करने पर मगजमारी करेंगे।
कमिश्नर: अब अफसर छुट्टी में भी दफ्तर आएं
कानपुर। शहर में विकास की धीमी गति पर बुधवार को कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने नाराजगी जताई और कहा कि अफसर छुट्टी में भी दफ्तर खोलें। समीक्षा करें और मार्च से पहले सभी विकास कार्य पूरा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्राथमिकता वाले विकास कार्य भी शामिल हैं।
कमिश्नर ने बुधवार को कैंप कार्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा की। साथ ही कहा कि जिला पंचायत चुनाव, सैफई महोत्सव और मुख्यमंत्री का दौरा निपट गया। अब सारा जोर काम कराने पर लगाया जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमिश्नर ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी की और कहा कि अपराध की घटनाएं रोकी जाएं। ताबड़तोड़ घटनाओं से जनता में भय व्याप्त होता है। समीक्षा में शामिल डीएम कौशल राज शर्मा ने कहा कि गुरुवार से केडीए, केस्को, पीडब्लूडी, नगर निगम और सेतु निगम सहित तमाम डिपार्टमेंट की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
विकास कार्यों में जो भी बाधा आ रही, उसे दूर कराने का अभियान छेड़ा जाना है। गोविंदपुरी समानांतर पुल, सीओडी पुल का निर्माण कार्य तेजी से हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
किसान की आत्महत्या पर होगी एफआईआर
कमिश्नर ने कहा कि मंडल के किसी भी जिले के किसान ने आत्महत्या की तो जिला कृषि अधिकारी, बैंक और बीमा अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। इस बार का मौसम फसलों के लिहाज से अच्छा नहीं है। इसका असर गेहूं की पैदावार पर पड़ सकता है। इसलिए सभी किसान क्रेडिट कार्ड धारक की फसल का बीमा सुनिश्चित कराया जाए। साधारण खेतिहर की फसल का बीमा हो, इसकी व्यवस्था हो।
डीएम ः बुलाई है बैठक, देखेंगे कहां रुके हैं कार्य
कानपुर। सीएम के सपनों के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने को डीएम की अध्यक्षता में 14 जनवरी को कैंप कार्यालय में बैठक बुलाई गई है। ‘अमर उजाला’ ने 12 जनवरी के अंक में ‘रुकावट के लिए खेद है’ शीर्षक से शहर में रुके पड़े सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट की पड़ताल करती खबर छापी थी।
12 तारीख को ही मुख्यमंत्री को पुलिस लाइन स्थित हैलीपैड में ‘अमर उजाला’ की प्रति दी गई, जिसमें योजनाएं लंबित होने की बात उठाई गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रति देखते ही कहा कि वह लखनऊ पहुंचकर इन्हें दिखवाएंगे। बुधवार को इसका असर भी नजर आया।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से पूछा है कि प्रोजेक्ट क्यों अधूरे हैं। निर्देश आते ही डीएम कार्यालय से केडीए, नगर निगम, पीडब्लूडी, सेतु निगम सहित विकास कार्यों से संबंधित अन्य विभागों की अधिकारियों को बैठक में बुलाया है।
आश्वासन समिति ने दी एफआईआर की चेतावनी
कानपुर (ब्यूरो)। विश्वबैंक-के सेक्टर में ठूंठ बनी पानी की टंकी एक महीने में और फूलबाग की टंकियां डेढ़ महीने में चालू नहीं हुईं तो जल निगम के अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराकर जेल भेजूंगा।
जेएनएनयूआरएम की जलापूर्ति परियोजना में अफसरों ने खूब लूट मचाई है। ये चेतावनी बुधवार को आश्वासन समिति के चेयरमैन सतीश महाना ने बैठक में जल निगम अफसरों को दी।
सर्किट हाउस में दोपहर बाद 3 बजे से ढाई घंटे तक चली इस बैठक में जल निगम के अफसरों से पूछा गया कि विश्वबैंक-के सेक्टर पार्क में केडीए से 20 साल पहले बनी पानी की टंकी अभी तक चालू नहीं हुई। इसी पार्क में जलापूर्ति परियोजना के तहत जल निगम को भी पानी की टंकी बनाए कई साल हो गए, पर अभी तक बूंद भर पानी नहीं भरा गया।
ऐसा क्यों? जल निगम के अफसरों ने इस टंकी को एक महीने में चालू कराने का आश्वासन दिया। फूलबाग में छह साल से ठूंठ बनी पानी की टंकियां चालू न होने के बारे में पूछा गया तो अफसरों ने डेढ़ महीने में इन्हें चालू करने की बात कही। समिति के चेयरमैन ने दो टूक कहा कि जल निगम के अफसरों ने खूब लूट मचाई है।
शहर में प्रस्तावित 74 सीडब्लूआर (भूमिगत जलाशय) में से जिन 16 की चेकिंग होनी है, उनके भी चालू न होने पर सवाल उठाया गया। नगर निगम द्वारा 14 वें वित्त आयोग से मिलने वाले 24 करोड़ रुपये में से 20 करोड़ से सिर्फ सड़कें बनवाने पर आपत्ति करते हुए इस धन से सोसाइटी क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा नाले, नालियां बनवाने पर जोर दिया। गुंजन विहार कालोनी में बने गड़बड़ नाले को 14 वें वित्त आयोग के धन से ठीक कराने पर जोर दिया गया।
सनिगवां में नवनिर्मित एसटीपी चालू न होने के मामले में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के जीएम ने इसकी वजह बिजली का कनेक्शन न मिल पाना बताया। बैठक में आश्वासन समिति के सदस्यों विधायक रामचंद्र चौधरी, जयप्रकाश निषाद, मनीष के अलावा स्थानीय विधायक अजय कपूर, सत्यदेव पचौरी, सलिल विश्नोई, रघुनंदन भदौरिया, आदि के साथ कई अफसर भी मौजूद रहे।