प्रदीप अवस्थी
कानपुर। सूक्ष्म और लघु उद्योगों से हर साल 20 फीसदी सरकारी खरीद की अनिवार्यता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने पूर्व अनुभव और टर्नओवर की बाध्यता को खत्म कर दिया है। यह व्यवस्था स्टार्ट अप इंडिया को ध्यान में रखते हुए की गई है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की ओर से एडिशनल सेक्रेटरी/डेवलपमेंट कमिश्नर सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस आशय का आदेश सभी मंत्रालयों, विभागों, सेंट्रल पब्लिक सेक्टर यूनिटों को जारी किया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के निदेशक यूसी शुक्ला ने बताया, सरकार का मानना है कि स्टार्ट अप के तहत उद्योग लगाने वालों के पास पूर्व अनुभव नहीं होगा। उनका टर्नओवर भी शुरुआत में स्पष्ट नहीं होगा। ऐसे में उनके उत्पादों को बिक्री के लिए छूट नहीं दी गई तो उनका माल बिकेगा कैसे? बिक्री को बढ़ावा न मिला तो स्टार्ट अप यूनिटों को सफलता नहीं मिलेगी।
इस लिहाज से सरकारी खरीद में स्टार्ट अप यूनिटों को पूर्व अनुभव और टर्नओवर की बाध्यता से मुक्त किया गया है। इसका लाभ सूक्ष्म और लघु उद्योगों को भी मिलेगा। वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता के लिए ऐसी यूनिटों को मानकों और तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
टैक्स विवाद सुलझाने को करें ई-अपील
कानपुर। टैक्स संबंधी विवादों को जल्द सुलझाने के लिए अब आपको विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए आप घर बैठे ई-अपील भी कर सकते हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर ई-अपील सेवा शुरू कर दी है। डिजिटल सिग्नेचर की मदद से कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन अपील फाइल कर सकता है।
आयकरदाताओं को टैक्स संबंधी विवाद सुलझाने के लिए अपीलीय अधिकारी के पास अपील करनी होती है, लेकिन अब करदाता विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर सीधे आयकर आयुक्त के समक्ष अपील कर सकता है। इसके लिए दो पेज का फार्म-35 खुलेगा।
विभाग ने इसे संशोधित करके अपलोड किया है ताकि इसे आसानी से भरा जा सके। फार्म को आईटीआर की तरह भरकर सबमिट करने के बाद अपीलकर्ता को अपने आधार नंबर, ईमेल एड्रेस और मोबाइल नंबर के जरिये ई-वेरिफिकेशन करना होगा। ई-वेरिफिकेशन को विभाग ने फिलहाल एक्टिवेट नहीं किया है। इसे जल्द ही कर दिया जाएगा। अपील से संबंधित दस्तावेज भी वेबसाइट के जरिये ही अपलोड किए जा सकते हैं। फार्म को इस प्रारूप में तैयार किया है कि असेसमेंट अधिकारी की ओर दिए गए आदेश के जवाब में उस पर अपीलकर्ता सौ शब्दों में अपनी बात कह सकता है।