कानपुर। जगह-जगह हुए जलभराव के बाद नगर निगम की नाला सफाई पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों के विरोध को देखते हुए अब नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इसके पीछे की वजहों को तलाशना शुरू किया है। पार्षदों, आम लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है। नगर आयुक्त ने जोन के सभी अधिशासी अभियंताओं को नोटिस जारी कर आठ सवालों के जवाब मांगे हैं। (संवाद)
यह रहे सवाल
- पहली बारिश में जलभराव क्यों हुआ, तैयारियों में कहां कमी रह गई।
- जलभराव रोकने के लिए आगे की क्या योजना है।
- नाला सफाई में पारदर्शिता के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
- सड़क खोदाई से परेशानी पर क्या कार्रवाई हुई, विभागों में तालमेल कैसे बनेगा।
- काकादेव और सर्वोदयनगर में मेट्रो के जलभराव पर क्या कदम उठाए गए।
- ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था होगी।
- नाला सफाई में अब तक क्या कार्रवाई हुई।
- सीएम ग्रिड योजना की सड़कें कब तक पूरी होंगी।
लापरवाही में आठ फर्में ब्लैक लिस्ट, दो को किया डिबार
नगर निगम के अभियंत्रण विभाग ने नाला सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वाली आठ फर्मों मेसर्स अंशिका ट्रेडर्स, मेसर्स मां बालादेवी कंपनी, मेसर्स तिवारी ऑटो सेल्स, मेसर्स अनमोल इंटरप्राइजेज, मेसर्स आदिका इंटरप्राइजेज, मेसर्स मां रामवती ट्रेडर्स, मेसर्स विनय कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स व एक अन्य फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। दो फर्मों मेसर्स एमके ट्रेडर्स और मेसर्स जीएफ इंटरप्राइजेज को छह माह तक नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से डिबार किया है। वहीं बारिश के बाद 116 स्थानों को चिह्नित किया जहां जलभराव की स्थिति बनी। इन स्थानों पर जल निकासी के लिए गैंग, मानव बल, विभागीय मशीनें और जरूरत के अनुसार डिवाटरिंग पंप लगाए गए हैं।
दोबारा करा रहे नालों की सफाई
अभियंत्रण विभाग के 220 नालों की सफाई ठेकेदारी व्यवस्था से कराई जाती है। इस वर्ष नगर निगम ने 95 प्रतिशत नाला सफाई पूरी होने का दावा किया था लेकिन पहली बारिश के बाद हकीकत सामने आ गई थी। नगर निगम के अनुसार 97 नाले साफ हो चुके हैं जबकि 122 की सफाई का काम जारी है। जहां जरूरत पड़ रही है वहां नालों की दोबारा साफ कराया जा रहा है।
वर्जन
जलभराव के कारण और नगर निगम की तैयारियों की स्थिति जानने के लिए सभी अधिशासी अभियंताओं से कुछ सवालों के जवाब मांगे गए हैं। इनके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त