यूपी के महोबा जिले में आबकारी की दुकानों की जमानत राशि की वापसी के नाम पर 10 हजार की रिश्वत लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी को लखनऊ से आई विजिलेंस टीम ने गुरुवार को सुबह उनके आवास से धरदबोचा। महोबा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराकर विजिलेंस टीम अपने साथ लखनऊ ले गई।
जिला आबकारी अधिकारी अरविंद सोनकर के कार्यालय में पनवाड़ी और कबरई की दो दुकानों को लाटरी सिस्टम से लेने के लिए खरेला निवासी अखिलेश उपाध्याय ने 1.22 लाख रुपये की जमानत राशि मार्च में जमा कराई थी, पर दोनों दुकानें उसे नहीं मिली। इस पर उपाध्याय ने सोनकर से जमानत राशि कई बार वापस मांगी। अंत में जमानत राशि वापस करने के एवज में सोनकर ने दस हजार रुपये रिश्वत की मांगी। इस पर उपाध्याय ने लखनऊ में विजिलेंस के एसपी अखिलेेश निगम को जानकारी दी। एसपी विजिलेंस के निर्देश पर गठित टीम ने बुधवार की शाम को डीएम सहदेव से मुलाकात कर पूरी जानकारी दी।
गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे विजिलेंस टीम लखनऊ पूल्ड हाउस कालोनी में सिविल ड्रेस में तय रणनीति के तहत अखिलेश उपाध्याय को जिला आबकारी अधिकारी के घर भेजा। इस दौरान जैसे ही उपाध्याय ने सोनकर को दस हजार रुपये दिए, पीछे से पहुंची विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते धरदबोचा। विजिलेंस टीम सोनकर को लेकर कोतवाली पहुंची और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद अपने साथ लखनऊ ले गई। टीम में इंस्पेक्टर वीके सिंह, एसआई अनिल कुमार सिंह, पीके श्रीवास्तव, रहीस अहमद, रामविलाश वर्मा शामिल थे।