कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति का ठेका लेने वाली ‘मैडम’ का मामला मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक के पास पहुंच गया है। मामले का खुलासा करने वाले प्रभाकांत मिश्रा ने राजभवन जाकर मैडम और अपने बीच हुई 10 मिनट की बातचीत की वॉयस रिकार्डिंग राज्यपाल को सुनाई। बताया कि टोकन मनी लेकर ‘मैडम’ शिक्षकों की भर्ती फिक्स कर रही हैं। यह भी बता रही हैं कि ज्यादातर भर्तियां टोकन मनी के सहारे की जा रही हैं। इसमें शासन, सत्ता की भागीदारी है। राज्यपाल को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर की कटिंग दी गई है। साथ ही अनियमित नियुक्तियों को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) से अनुमोदित कराने पर रोक लगाने की मांग की गई है। दूसरी आेर राज्यपाल ने बुधवार को लखनऊ में प्रस्तावित बीओएम की मीटिंग मंगलवार देर रात रद करके रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं। इसका फैक्स कुलपति दफ्तर में आया है लेकिन इसकी स्थ्ाानीय स्तर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। राजिस्ट्रार डॉ. पीएन यादव ने बताया कि राजभवन से फोन आया था, फैक्स भेजे जाने की जानकारी दी गई है लेकिन कुलपति दफ्तर बंद होने के कारण फैक्स नहीं मिल सका है।
कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति, प्रमोशन में लेनदेन का मामला सामने आने के बाद मंगलवार को हड़कंप का माहौल रहा। दिन भर इसी बात की चर्चा रही कि प्रभावशाली ‘मैडम’ हैं कौन? कुछ लोगों ने अंदाजा भी लगा लिया और दबी जुबान से कहा कि सब कुछ उन्हीं के हाथ में है। मैडम जिसको चाहेंगी, उसकी नियुक्ति हो जाएगी। बहरहाल, शिक्षकों की भर्ती का मामला अब राज्यपाल के पास है। उधर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर की सीधी भर्ती और पुराने शिक्षकों का इन्हीं पदों पर प्रमोशन का इंटरव्यू मंगलवार की देर रात खत्म हो गया। अब बुुधवार को बीओएम की आपात मीटिंग बुलाई गई है। इसमें इंटरव्यू का रिजल्ट घोषित करने पर फैसला होगा। इससे पहले ही शिक्षकों की नियुक्ति में लेनदेन का यह मामला राजभवन पहुंच गया है। इसी सिलसिले में कृषि विश्वविद्यालय के मानदेय शिक्षक रहे प्रभाकांत मिश्रा और कृषि विश्वविद्यालय के चार अन्य शिक्षकों ने मंगलवार को राज्यपाल से लखनऊ में उनके आवास पर मुलाकात की। शाम साढ़े छह बजे के आसपास हुई मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस दौरान राज्यपाल को मैडम की वह वॉयस रिकार्डिंग सुनाई गई, जिसमें कि वह नियुक्ति दिलवाने के एवज में 10-10 यानी 10-10 लाख रुपये की टोकन मनी मांग रही हैं। यह मैडम कृषि विश्वविद्यालय में उच्च अधिकारी की पत्नी बताई जा रही हैं। 10 मिनट की वॉयस रिकार्डिंग सुनने के बाद राज्यपाल ने प्रमुख सचिव को बुलाया। प्रमुख सचिव से कुछ बातचीत की और कहा कि मामला काफी गंभीर है। कानूनी पहलुओं का अध्ययन कराके मामले में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालयों में किसी तरह का भ्रष्टाचार न हो, इसको लेकर राजभवन गंभीर है। पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। राज्यपाल ने 31 दिसंबर यानी बुधवार को लखनऊ में प्रस्तावित बीओएम की मीटिंग पर भी फैसला लेने की बात कही है।