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खुलासाः सीओ की अनदेखी में फंसे आईपीएस अनंतदेव, कार्रवाई की तलवार

Sun, 12 Jul 2020 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा सूरज शुक्ला, कानपुर

सार

  • आईजी रेंज ने जांच रिपोर्ट सौंपी, चार मामलों में आरोपियों को बचाया, पूर्व एसओ चौबेपुर पर भी कार्रवाई से किया परहेज
  • शहीद सीओ के वायरल पत्र जांच में सही मिले, जुए के मामले में भी आरोपियों पर कार्रवाई न करने के सुबूत
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डेमो - फोटो : डेमो
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विस्तार
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र की चिट्ठियों को नजरंदाज करने के मामले में शहर के पूर्व एसएसपी अनंतदेव मुश्किल में पड़ते नजर आ रहे हैं। वर्तमान में वह पीएसी मुरादाबाद में डीआईजी हैं। लखनऊ रेंज की आईजी ने चार मामलों में उनके खिलाफ रिपोर्ट सौंपी है। इसमें विकास दुबे पर दर्ज केस से धाराएं कम करने के अलावा तीन अन्य गंभीर प्रकरण शामिल हैं।

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एक मामले में पूर्व एसओ चौबेपुर विनय तिवारी को बचाया गया जबकि, शहीद सीओ ने विनय पर कार्रवाई के लिए पूर्व एसएसपी को लगातार पत्र भेजे थे। अन्य में आरोपियों के नाम हटाए गए। जांच अधिकारी ने एसआईटी की जांच में इन मामलों को भी शामिल करने की सिफारिश की है।

बिकरू गांव की वारदात के बाद शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र का पत्र वायरल हुआ था। ये पत्र उन्होंने जून के दूसरे सप्ताह तक एसएसपी रहे अनंत देव को लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी ने विकास दुबे से साठगांठ कर रंगदारी के केस से उसका नाम हटा दिया। विकास बड़ा अपराधी है और वह बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। उन्होंने थानेदार पर कार्रवाई की सिफारिश की थी।
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मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पत्र वायरल होने के बाद उसके गायब होने की बात एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार पी ने दी थी। डीजी मुख्यालय के निर्देश पर आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह ने जांच करके रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में सीओ का पत्र सही पाया गया है। इसके अलावा तीन अन्य मामलों में गड़बड़ियां मिली हैं।

जांच के दायरे में आए ये केस
सूत्रों के मुताबिक, एक दोहरे हत्याकांड के केस में आरोपी का नाम बाहर किया गया। इसके अलावा एक युवती ने मारपीट, छेड़खानी व एससीएसटी का केस दर्ज कराया था। इसमें से भी कुछ आरोपियों के नाम बाहर किए गए थे। इन दोनों मामलों में तत्कालीन एसएसपी अनंतदेव की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं।

जुए की जांच पर सवाल
चौबेपुर क्षेत्र में सीओ ने मार्च में बड़ा जुआ पकड़ा था। उन्होंने जांच के बाद एसएसपी अनंतदेव को रिपोर्ट भेज थानेदार को दोषी बताया था। उनका कहना था कि थानेदार की शह पर ही जुआ चल रहा है। इसमें भी थानेदार पर कार्रवाई नहीं हुई थी। आईजी रेंज लखनऊ ने इस मामले में भी शहीद सीओ के तर्कों को सही ठहराया है।

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