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सीबीआई के डर से मिटा रहे अवैध खनन के सबूत, हमीरपुर में सीबीआई के छापों से बांदा में खलबली

Thu, 13 Jun 2019 08:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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सीबीआई के ताबड़तोड़ छापों से दहशत
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पड़ोसी जिले हमीरपुर में अवैध खनन को लेकर सीबीआई के ताबड़तोड़ छापों से बांदा में भी बालू कारोबारियों ने खदानों में अवैध खनन के सुबूत मिटाने शुरू कर दिए हैं। खदानों में चौकसी भी बढ़ा दी गई है। अवैध खनन के गड्ढों को पानी से भरकर छिपाया जा रहा है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर बुंदेलखंड में अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई ने अगस्त 2016 में बांदा खनिज कार्यालय में अचानक छापा मारकर तमाम अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए थे, जो अभी भी सीबीआई के पास हैं। यहां के पूर्व खनिज अधिकारी हवलदार सिंह निलंबित भी किए गए थे। 

 
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बांदा भी सीबीआई की जांच के रडार पर है, वर्ष 2016 में सीबीआई ले जा चुकी है अभिलेख

हमीरपुर और बांदा की सीमाएं जुड़ी हुई हैं। केन नदी में इस पार बांदा और उस पार हमीरपुर की खदानें हैं। बालू पट्टाधारक आए दिन नदी की जलधारा में पुलनुमा रास्ता बनाकर अपने पट्टा क्षेत्र के बाहर नदी के उस पार तक खनन करते चले आते हैं।

इन्हीं तमाम अंधेरगर्दियों को लेकर हमीरपुर के अधिवक्ता विजय कुमार द्विवेदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वर्ष 2016 में जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 2016 को बुंदेलखंड में अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।

तीन साल से सीबीआई की जांच लगातार जारी है। इस जांच में सपा सरकार में खनिज मंत्री रहे गायत्री प्रजापति और विधान परिषद सदस्य रमेश मिश्रा सहित हमीरपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आदि जांच के दायरे में हैं। उनके आवासों पर कई बार सीबीआई छापे मार चुकी है और  तमाम अभिलेख अपने कब्जे में ले चुकी है।
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