मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर से उपजे हालातों और तीसरी लहर से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की शनिवार को केडीए सभागार में समीक्षा की। उन्होंने भविष्य की जरूरतों पर जोर दिया। मीडिया ब्रीफिंग में घोषणा की कि प्रदेश के सभी जिलों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाएंगे।
इसके नतीजे 15 दिन में दिखने लगेंगे। सिर्फ कानपुर मंडल के छह जिलों में 30 ऑक्सीजन प्लांट लगाने जा रहे हैं। इनमें मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी-पीएचसी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लांटों की स्थापना में सांसद और विधायक निधि का इस्तेमाल करेंगे।
दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत सामने आई। इसका अंदाजा नहीं था कि ऑक्सीजन की खपत कितनी हो सकती है, लेकिन केंद्र के सहयोग से ट्रेन और हवाई जहाज के जरिये इसकी उपलब्धता कराई गई।
अब प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है। लेकिन, कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम में किसी तरह का जोखिम नहीं लेंगे। अपनी क्षमता खुद विकसित करेंगे। इसलिए हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है।
दवाओं की कालाबाजारी पर जब्त होगी संपत्ति
मुख्यमंत्री ने कोरोना की दूसरी लहर में दवाओं और ऑक्सीजन की कालाबाजारी होने पर नाराजगी जताई। कहा कि कालाबाजारी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। इस मामले में सरकार ने सख्ती की है। कई लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई। कई आरोपियों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत भी कार्रवाई की है। इससे बात न बनी तो इनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा। अफसरों को चेतावनी दी कि जिस जिले में ज्यादा कालाबाजारी हुई, वहां के अफसरों पर भी कार्रवाई होगी।
जून में तेज करेंगे टीकाकरण अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अब तक एक करोड़ 62 लाख लोगों को टीका लगवा चुके हैँ। जून की शुरुआत में टीकाकरण में और तेजी लाएंगे। अब उन क्षेत्रों और सेंटरों में वैक्सीन लगवाई जाएगी, जहां लोग जा नहीं सकते। संस्थानों में भी टीका लगवाने के प्रबंध किए जा रहे हैं। वहां वेटिंग एरिया या ऑब्जर्वेशन एरिया बनाकर वहीं पर वैक्सीन देने की तैयारी है, ताकि लोगों को भटकना न पड़े। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांवों में कैंप लगवाकर वैक्सीन लगवाई जाएगी, ताकि गांव के मजदूर-किसान, महिलाओं को गांव के बाहर न जाना पड़ा। विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि एक समय बहुत सारे लोग वैक्सीन का विरोध कर रहे थे। इसे भाजपा और मोदी जी की वैक्सीन बता रहे थे। अब वही कह रहे हैं कि सभी को वैक्सीन निशुल्क मिलनी चाहिए। वैक्सीन तो पहले से ही निशुल्क है। इससे विपक्ष का दोहरा चरित्र सामने आया है।