शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और राजकीय पालीटेक्निक की स्टूडेंट संख्या कम करने के लिए सांध्य कालीन कक्षाओं की पढ़ाई बंद कराई जाएगी। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने कानपुर पालीटेक्निक से प्रस्ताव मांगा है। ऐसा हुआ तो राजकीय पालीटेक्निक की 12 ब्रांच की 720 सीटें कम हो जाएंगी।
सांध्य कालीन कक्षा की पढ़ाई से पालीटेक्निक की शैक्षिक गुणवत्ता चरमरा गई है। जो टीचर सुबह पढ़ाते हैं, उनसे अनुबंध के तौर पर सांध्य कालीन कक्षाओं की पढ़ाई भी कराई जा रही है। टीचिंग, नान टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति अलग से नहीं है। राजकीय पालीटेक्निक रावतपुर में ही सुबह और सांध्य कालीन कक्षाओं के करीब छह हजार स्टूडेंट्स हैं। इस हिसाब से टीचर्स की संख्या कम है। इससे पठन-पाठन का काम प्रभावित है। इसको गंभीरता से लेते हुए ही प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा ने सांध्य कालीन कक्षाओं की पढ़ाई बंद करने की पहल की है। सूत्रों ने बताया कि राजकीय पालीटेक्निक के सांध्य कालीन कक्षाओं में 12 ब्रांच की 720 सीटें भरी जाती हैं। हर ब्रांच में 60-60 सीटें हैं। फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर को मिला लिया जाए तो यह संख्या 2160 हो जाएगी। इन सबकी पढ़ाई गेस्ट लेक्चरर के सहारे चल रही है, जो ठीक नहीं है। राजकीय पालीटेक्निक में पर्याप्त सुविधा-संसाधन भी नहीं है। लैब, लाइब्रेरी और क्लास रूम का मानक पहले से निर्धारित सीटों के हिसाब से है। सांध्य कालीन कक्षाएं दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक चलती हैं। कानपुर में बिजली की समस्या है। इस कारण दिक्कत आ रही है। अब कक्षाएं सुबह 11:20 से शाम 6:40 बजे तक चलाई जाती हैं। इससे सुबह की पाली की पढ़ाई बाधित होती है। अब कक्षाएं बंद करने की कवायद चल रही है। इससे पालीटेक्निक की पढ़ाई, शैक्षिक गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।
इन सब्जेक्ट में लगती हैं कक्षाएं
मेकेनिकल इंजीनियरिंग की आटो और प्रोडक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स्र, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल केमिस्ट्री, पीजीडी एमएसएम, केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, पीजीडीसीए और आईटी।
सांध्य कालीन कक्षा की पढ़ाई बंद करने का मामला प्राविधिक शिक्षामंत्री की मीटिंग में आया था। इसके मिनट्स अभी तक नहीं मिले हैं। राजकीय पालीटेक्निक में गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं, इसका ख्याल रख कर ही कक्षाएं बंद करने का प्रस्ताव बनाया जाएगा। इस पर आखिरी निर्णय अभी तक नहीं हुआ है।
ओपी वर्मा, निदेशक प्राविधिक शिक्षा यूपी कानपुर