नौबस्ता में आवास-विकास हंसपुरम के डी-ब्लाक में मंगलवार देर रात सुरेश पांडेय के घर पर जोरदार धमाका हुआ। छत का प्लास्टर नीचे गिर गया, दीवारें दरक गईं और लोहे की अलमारी का एक पल्ला व एक दरवाजा टूट कर गिर पड़ा। धमाके से सुरेश(40), उनकी पत्नी नीलू (36) व बेटा दीपक (10) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
करीब 60 प्रतिशत झुलस जाने की वजह से मां-बेटे को इलाज के लिए उर्सला अस्पताल भेजा गया है। गौरतलब यह है कि घर में न तो सिलेंडर फटा, न फ्रिज का कंप्रेशर और न ही टीवी का पिक्चर ट्यूब। ऐसे में विस्फोट किस चीज का है, इसकी छानबीन की जा रही है। धमाके के बाद घर की स्थिति को देखते हुए बारूद से विस्फोट को नकारा नहीं जा सकता।
सुरेश पांडेय रिक्शा चालक है। कक्षा नौ में पढ़ने वाली बेटी सोनम ने बताया कि बुधवार रात लगभग 11 बजे बिजली आई। तब तक सभी लोग घर के बाहर बैठे थे। बिजली आने पर मां-पिता व भाई खाना खाने के लिए कमरे में गए। मां खाना गर्म कर रही थी, तभी एक तेज धमाका हुआ।
आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। इधर, सोनम ने बताया कि वह डरते हुए कमरे में पहुंची तो देखा आग लगी थी। मां व भाई ज्यादा झुलस गए और पिता को भी काफी चोट लगी है। चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी राम नरेश सिंह ने सीज फायर सिलेंडर लेकर पहुंचे और आग बुझाई।
तीनों घायलों को अस्पताल भेजा गया। सूचना पर नौबस्ता पुलिस भी मौके पहुंची। एसओ राजदेव प्रजापति का कहना है कि सिलेंडर के रेग्यूलेटर में आग लगी। करीब ही बिजली का स्विच बोर्ड था, धमाका उसी में हुआ। हालांकि घर के हालात देखने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि स्विच बोर्ड का विस्फोट इतना बड़ा नुकसान नहीं कर सकता।
धमाके का असर यह रहा कि दीवार व छत के प्लास्टर तो गिरे ही, लोहे के डिब्बे में रखा गेहूं बाहर गिर गया। अनाज की बोरियां फट गईं। सीओ गोविंदनगर ओपी सिंह का कहना है कि धमाका किस चीज से हुआ, इसकी छानबीन कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया घायलों की इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उन्हीं से घटनाक्रम और वजह दोनों पता चल सकेगी।