कानपुर देहात/डेरापुर। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को डेरापुर तहसील में मिर्जापुर खुर्द निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि छह बिस्वा जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। चार बार शिकायत करने के बाद भी जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई गई है। एसडीएम ऊषा सिंह ने राजस्व व पुलिस टीम के जरिये बुधवार को समाधान कराने का आश्वासन दिया। जनपद की पांच तहसीलों में 366 शिकायतें दर्ज हुईं इसमें से मौके पर केवल 11 का निस्तारण हो सका।
अरसुन की मड़ैया निवासी रामचंद्र आदि ने परिवारियों पर जमीन जबरन कब्जा करने के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। एसडीएम ने एसओ डेरापुर को जांच सौंपी। यहां 60 शिकायतें दर्ज हुईं। इसमें से तीन का मौके पर निस्तारण हो सका। सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, तहसीलदार देशराज भारती आदि रहे। अकबरपुर तहसील में एसडीएम राजकुमार पांडेय ने शिकायतें सुनीं। नरसतपुर की रामबेटी ने बताया कि घरौनी खो गई है।
इस पर एसडीएम ने उसे घरौनी की दूसरी प्रति उपलब्ध कराई। कुल 92 शिकायतों में केवल एक का मौके पर निस्तारण हो सका। रसूलाबाद तहसील में एसडीएम अभिषेक कुमार ने शिकायतें सुनीं। यहां 107 शिकायती पत्र आए। केवल तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। धरमपुर के गयाप्रसाद ने बताया कि सहन की जमीन पर कुछ लोग जबरन पशु बांध रहे हैं। मना करने पर धमकी देते हैं। पुलिस को जांच सौंपी गई।
केशव नगर निवासी आलोक दुबे ने बताया कि बिजली केबल घर के बाहर लटक रही है। करंट का खतरा है। जांच एसडीओ को सौंपी गई। सिकंदरा तहसील में तहसीलदार दीपक कुमार की अध्यक्षता में 25 शिकायतें सुनीं गईं। एक शिकायत का मौके पर निस्तारण हो सका। मैथा तहसील में एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने 82 शिकायतें सुनीं। मौके पर तीन शिकायतों का निस्तारण हुआ। तहसीलदार संतोष कुमार, नायब तहसीलदार सुधीर यादव आदि रहे।