सूबे के मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन बहिष्कार
का निर्णय वापस ले लिया है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री द्वारा मानी गई
मांगों को लेकर खुशी जताई। शिक्षक नेताओं ने एक-दूसरे का आभार व्यक्त किया।
आठ दिन से चल रहे मूल्यांकन बहिष्कार के बाद मंगलवार को शिक्षकों ने
कापियां जांचनी शुरू कर दी हैं।
30 मार्च से जनपद के शिक्षक अकबरपुर व
पुखरायां के केंद्र पर मानदेय, पेंशन, विनियमितीकरण आदि की मांग को लेकर
लगातार मूल्यांकन बहिष्कार किए हुए थे। इसके चलते जिला प्रशासन व शिक्षा
विभाग के अधिकारी भी चिंतित दिख रहे थे। वहीं शिक्षक अपने आंदोलन को गति
देने के लिए सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, कूटा
के पूर्व अध्यक्ष व अधिवक्ताओं का लगातार समर्थन भी प्राप्त कर अपनी
मांगें बुलंद कर रहे थे।
इससे आठ दिन बीत जाने के बावजूद भी जनपद में
मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो पाया था। इधर, प्रदेश के शिक्षक नेताओं,
विधायकों के बीच दो चक्र की शिक्षामंत्री से वार्ता विफल सी रही थी।
शिक्षकों के बहिष्कार को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री व
शिक्षक विधायक व शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई। दोपहर
को 12 बजे वार्ता का परिणाम शिक्षकों के पक्ष में आने पर मूल्यांकन
केंद्रों पर जश्न शुरू हो गया। शिक्षकों ने एक दूसरे को माला पहना और मिठाई
खिलाकर खुशी का इजहार किया। अकबरपुर के मूल्यांकन केंद्रों पर उपनियंत्रक
भारत सिंह ने वार्ता के परिणाम की जानकारी सार्वजनिक की। शिक्षक नेता अनिल
सिंह गौर, सुरेश मिश्रा, वीरभान सिंह, अमर सिंह सचान, एसके शुक्ला,
कुंजबिहारी दीक्षित, अखिलेश दीक्षित, आचार्य पीयूष, अरविंद द्विवेदी, राम
मिश्रा, केशव सिंह, रामऔतार दीक्षित, राम विलास यादव, वैरिस्टर पांडेय,
मनोज तिवारी, वीरेंद्र यादव, लाल सिंह यादव, ऊदन सिंह, आदित्य चतुर्वेदी,
जयदीप यादव, ध्रुवकांत, अजय गुप्ता, रुबीना कुरैशी, अशोक कटियार, कुसमा
देवी, तृप्ती चौहान, विनीत दुबे, कमलेश त्रिपाठी, वीपी शुक्ला, भुवनेश
त्रिपाठी, बउआ त्रिवेदी, सुरेंद्र कटियार, संतोष कटियार, कुलश्रेष्ठ, अमित
कुमार, वीरेंद्र पाल, रोहन सिंह, शास्त्री जी, चंदन शुक्ला आदि ने हर्ष
जताया। इसके बाद प्रत्येक कक्ष में जाकर उपप्रधान व परीक्षकों को बधाई भी
दी। साथ ही धरने को सफल बनाने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों, वकीलों,
शिक्षाविदों, कूटा के शिक्षक नेताओं शिक्षकों व अधिकारियों का आभार जताया।
धरने का संचालन कर रहे एके द्विवेदी को शिक्षक नेताओं ने मिठाई खिलाकर धरने
की सफलता की बधाई दी। इसके बाद अकबरपुर के केंद्र पर मूल्यांकन कार्य भी
शुरू करा दिया गया। जिसमें लगभग 620 उत्तर पुस्तिकाएं जांची गई। साथ ही 57
उपप्रधान व 590 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य में सहयोग देना शुरू कर दिया।