मजदूर वर्ग से हैं दोनों परिवार
आरोप है कि गांव का ही रहने वाला करन निषाद उसे अपने साथ ले गया था। दोनों परिवार मजदूर वर्ग से हैं और एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। करन तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था, जबकि शिवानी दो भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर थी।
प्रयागराज एक्सप्रेस से वापस लौट रहे थे घर
दोनों की तलाश के दौरान जानकारी मिली थी कि वे रेवाड़ी (हरियाणा) के धारूहेड़ा में हैं। इसके बाद दोनों परिवारों के सदस्य गुरुवार रात उन्हें लेकर प्रयागराज एक्सप्रेस से वापस घर लौट रहे थे। ट्रेन के जनरल कोच में सभी लोग एक साथ सफर कर रहे थे।
एक के बाद एक कूदे थे दोनों
शिवानी के पिता शेषमणि ने बताया कि रात करीब एक बजे तक सभी लोग जाग रहे थे। इसके बाद रात करीब दो से ढाई बजे के बीच घटना हुई। ट्रेन कानपुर पहुंची तो कोच में सफर कर रहे यात्रियों ने जानकारी दी कि पहले शिवानी चलती ट्रेन से कूद गई और उसके पीछे करन भी कूद गया।
परिजन रो-रोकर बेहाल
इसके बाद परिजन ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दी। करन की मां शीला देवी और उसके जीजा विजय निषाद भी ट्रेन में मौजूद थे। वहीं, बेटी की मौत की जानकारी मिलने के बाद शिवानी की मां जयदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटनाक्रम और बयानों के आधार पर जांच
जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि घटनाक्रम और परिजन के बयानों के आधार पर मामले की जांच पड़ताल चल रही है। है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटनाक्रम की जीआरपी पूरी गहराई से जांच कर रही है।